
उज्जैन। सात दिन पहले हुई चोरी की वारदात के बाद 3 आरोपी आभूषण बेचने की फिराक में निकले थे। मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने हिरासत में लिया तो उनकी निशानदेही पर आभूषण और घरेलू सामान बरामद हो गया। आरोपी ने एक नाबालिग शामिल है।
बिरलाग्राम थाना प्रभारी जितेन्द्र पाटीदार ने बताया कि 3 अगस्त को ग्रेसिम की एक्स व्हाय झेड कालोनी में रहने वाले अनिल कुमार पिता धमनाप्रसाद प्रजापत 54 साल ने थाने आकर शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अप्रैल माह में स्वास्थ्य खराब होने पर जनसेवा अस्पताल गये थे। जहां से डॉक्टरों ने उन्हें रैफर कर दिया था। वह उपचार के लिये लखनऊ गये हुये थे। जहां से 3 माह बाद वापस लौटे तो मकान का ताला टूटा मिला। बदमाशों ने उनके घर से सोने की अंगूठी, चांदी की पायल, गैस टंकी, कूलर और अन्य घरेलू सामान चोरी किया है। मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा का प्रकरण दर्ज कर विवेचना मे लिया गया। बदमाशों का पता लगाने के लिये एएसआई भुरिया मोहरे, प्रधान आरक्षक गणेश पाल, महेश परमाल, दिनेश मुनिया, श्रद्धा परिहार, अफरोज बी की टीम गठित की गई। कालोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज चैक किये गये। सोमवार देर शाम मुखबिर से सूचना मिली कि 3 युवक आभूषण बेचने की फिराक में घूम रहे है। शंका के आधार पर तीनों की धरपकड़ के लिये घेराबंदी की गई और शासकीय शौचालय के पास से तीनों को हिरासत में लिया गया। उनके पास से कुछ आभूषण मिलने पर पूछताछ के लिये थाने लाया गया। जहां उनके नाम गजानंद उर्फ गज्जू पिता हितेन्द्र साहनी 25 साल, अभिषेक पिता जनार्दनकेवट 21 साल निवासी सी ब्लाक टापरी बिरलाग्राम सामने आये। उनका तीसरा साथी नाबालिग था। तीनों से सख्त पूछताछ करने पर उन्होने सात दिन पहले रात के समय महिनों से सूने पड़े मकान चोरी करना कबूल कर लिया।
न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया
मामले का खुलासा होने पर उनकी निशानदेही पर सोने की अंगुठी, चांदी की पायल, गैस टंकी, 2 कूकर, तांबे का लोटा और अन्य घरेलू सामान कीमत 80 हजार का बरामद कर लिया गया। थाना प्रभारी पाटीदार के अनुसार गजानंद और अभिषेक को मंगलवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। नाबालिग आरोपी को वैधानिक कार्यवाही के बाद नोटिस पर रिहा किया गया है।