नागोया (जापान), एशियन गेम्स 2026 के 12वें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर शानदार शुरुआत करते हुए कई पदक अपने नाम किए हैं। दिन की शुरुआत में भारतीय कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने पुरुष व्यक्तिगत कंपाउंड मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता। यह तीरंदाजी में गणेश का दूसरा और इस प्रतियोगिता में भारत का चौथा पदक है। इसके साथ ही इन खेलों में कंपाउंड आर्चरी की स्पर्धाएं समाप्त हो गई हैं, जिसमें कुल मिलाकर भारत ने तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक हासिल कर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
महिला स्क्वाश टीम और सेलिंग स्पर्धा में भारत को मिले पदक, जोशना चिनप्पा ने रचा नया इतिहास
इसके अलावा, स्क्वाश और सेलिंग (नौकायन) के मैदान से भी देश के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भारतीय महिला स्क्वाश टीम को सेमीफाइनल मुकाबले में हार के बाद ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा, लेकिन अनुभवी खिलाड़ी जोशना चिनप्पा ने लगातार सातवें एशियन गेम्स में हिस्सा लेकर नया रिकॉर्ड बना दिया है। उनके नाम अब तक कुल सात एशियाई पदक हो चुके हैं, जबकि युवा खिलाड़ी अनाहत सिंह ने भी बेहतरीन खेल दिखाया है। वहीं, सेलिंग स्पर्धा के पुरुषों के स्किफ इवेंट में मनु फ्रांसिस और प्रिंस कुरिसिंकल नोबल की भारतीय जोड़ी ने निरंतरता का परिचय देते हुए शानदार सिल्वर मेडल अपने नाम किया है।
पदक तालिका में मजबूत हुई भारत की स्थिति, खेल प्रेमियों में जश्न का माहौल
इन तमाम शानदार पदकों की बदौलत एशियन गेम्स 2026 की पदक तालिका में भारत की स्थिति अब और अधिक मजबूत हो गई है, और भारतीय दल शीर्ष 10 देशों में अपनी जगह पुख्ता बनाए हुए है। देश के एथलीटों का यह उम्दा प्रदर्शन विभिन्न खेल विधाओं में उनकी कड़ी मेहनत और लगन का प्रमाण है। खेल प्रेमियों की निगाहें अब आने वाले अंतिम दिनों के मुकाबलों पर टिकी हुई हैं, जहां भारतीय खिलाड़ी और भी अधिक स्वर्ण और अन्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

