
ग्वालियर, अमृत योजना के तहत शहर में बिछाई गई पेयजल लाइनों के संचालन एवं संधारण में लापरवाही बरतना ठेकेदार एजेंसी को भारी पड़ गया। नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने अनुबंध के अनुरूप पर्याप्त कर्मचारी नियुक्त नहीं करने और पेयजल व्यवस्था के प्रभावित होने पर मैसर्स विष्णु प्रकाश आर. पुंगलिया पर 50 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई है। यह राशि वर्तमान देयक से रोक दी गई है। साथ ही एजेंसी को चेतावनी दी गई है कि भविष्य में अनुबंध की शर्तों के अनुरूप कार्य नहीं करने पर रोकी गई 50 लाख रुपये की राशि राजसात कर ली जाएगी।
अधीक्षण यंत्री पीएचई श्री एसएल बाथम ने बताया कि अमृत परियोजना-1.0 के जलप्रदाय प्रोजेक्ट-2 के तहत अनुबंध क्रमांक 932, दिनांक 23 सितंबर 2017 के प्रावधानों के अनुसार एजेंसी द्वारा 160 एमएलडी क्षमता का जलशोधन संयंत्र, 35 उच्च स्तरीय टंकियां, 7 भू-स्तरीय टंकियां तथा सम्पवेल सहित अन्य अधोसंरचनाओं का निर्माण किया गया है। इसके अलावा शहर में 849 किलोमीटर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और 66 किलोमीटर फीडर मेन, कुल 915 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है।
अनुबंध के अनुसार इन अधोसंरचनाओं का पांच वर्ष की अवधि तक संचालन एवं संधारण भी संबंधित एजेंसी को करना है। हाल ही में वार्ड क्रमांक 34 की रामबाग कॉलोनी व पारदी मोहल्ला, वार्ड क्रमांक 40 की भूरे बाबा की बस्ती व फूट मार्केट तथा वार्ड क्रमांक 33 के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई थीं।
समस्या की समीक्षा के दौरान संबंधित कार्यपालन यंत्रियों एवं अधीक्षण यंत्री ने कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मौके की स्थिति देखी। समीक्षा में सामने आया कि पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती नहीं होने के कारण जलप्रदाय के संचालन एवं संधारण का कार्य प्रभावित हो रहा था। अधिकारियों द्वारा पूर्व में भी एजेंसी को कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और पेयजल व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
नगर निगम ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए वर्तमान देयक से 50 लाख रुपये की राशि विथहोल्ड करने की कार्रवाई की है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर की पेयजल व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन जारी रहने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
