
कृषि मंत्री ने लोगों से अपील की कि हर नागरिक साल में कम से कम एक पेड़ जरूर लगाए और अपने साथ पांच और लोगों को इस मुहिम से जोड़े। उन्होंने कहा कि जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, बच्चों के जन्म और माता-पिता की पुण्य स्मृति जैसे अवसरों को “वृक्ष पर्व” के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने पंचायतों, नगर निकायों और संस्थानों से भी कहा कि पौधारोपण के लिए तय स्थान बनाए जाएं, ताकि पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल सुनिश्चित हो सके।
श्री चौहान ने कहा कि पर्यावरण बिगड़ने का असर सीधे खेती, पानी, मिट्टी और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि किसान के लिए आज सबसे बड़ा मुद्दा सिर्फ बीज और खाद नहीं, बल्कि पानी की उपलब्धता और जमीन की सेहत भी है। उन्होंने कहा कि मिशन लाइफ, ऊर्जा बचत और प्लास्टिक मुक्त जीवन को अपनाकर ही पर्यावरण की रक्षा की जा सकती है। उनके अनुसार, प्रकृति का शोषण नहीं, बल्कि संतुलित उपयोग और संरक्षण ही सही रास्ता है।
इस अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” आह्वान को और भी मजबूत बनाया गया। दिल्ली के पीबीजी ग्राउंड, सेंट्रल रेंज, तालकटोरा स्टेडियम के पास हुए मुख्य कार्यक्रम में मंत्रीगण, सांसद, अधिकारी, किसान, युवा और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। इस पूरे अभियान में वृक्ष मित्र परिवार ने अहम भूमिका निभाई और हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया।
