सतना :शासकीय अवकाश होने के कारण बंद पड़े न्यायालय परिसर में शुक्रवार की सुबह अचानक उस वक्त हलचल तेज हो गई जब पुलिस, श्वान दस्ता और बम निरोधक दस्ते ने अचानक गहन जांच अभियान छेड़ दिया. घंटों कड़ी मशक्कत करते हुए न्यायालय परिसर का चप्पा-चप्पा छानने के बावजूद कहीं कोई संदिग्ध वस्तु नजर नहीं आई. जिसके बाद यह जानकारी सामने आई कि ई-मेल के जरिए सतना और मैहर न्यायालय को जहरीले बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. वहीं साइबर सेल द्वारा ई-मेल भेजने वाले की पहचान, लोकेशन सहित अन्य तकनीकी जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायालय सतना की आधिकारिक ई-मेल आईडी पर गुरुवार की शाम गायथ्री शाबाज एट द रेट हॉट मेल डॉट कॉम से एक धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हुआ था, लेकिन शुक्रवार की सुबह इस ईमेल पर नजर पड़ी. तमिल भाषा में भेजे गए मेल में यह दावा किया गया था कि सतना जिला कोर्ट परिसर और जजों के कार्यालयों सहित मैहर न्यायालय में 15 बम लगाए गए हैं. यह सारे बम जहरीली गैस से भरे हुए हैं, जो कि दोपहर 1 बजे विस्फोट करेंगे. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सतना द्वारा फौरन की जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सूचना दे दी गई. वहीं यह जानकारी सामने आते ही पुलिस प्रशासन के बीच खलबली मच गई.
आनन-फानन में पुलिस टीम को जिला न्यायालय के लिए रवाना कर दिया. देखते ही देखते न्यायालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया. इसी कड़ी में श्वान दस्ता और बम निरोधक दस्ता भी मौके पर पहुंच गया. एक ओर जहां बम निरोधक दस्ते द्वारा बम डिटेक्शन उपकरण की मदद से न्यायालय कक्ष, जजों के चेंबर, रिकार्ड रुम, पार्किंग, कैंटीन, बगिया सहित सभी स्थानों के चप्पे-चप्पे की छानबीन की गईं. बम निरोधक दस्ते के साथ-साथ श्वान दस्ते ने भी सघन जांच की.
लेकिल घंटो कड़ी मशक्कत करते हुए न्यायालय परिसर का एक एक कोना छान मारने के बावजूद भी कहीं कोई संदिग्ध वस्तु नजर नहीं आई. जिसके चलते सभी ने राहत की सांस ली. लेकिन इस तरह की धमकी भरे ई-मेल को भेजे जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने जांच की जिम्म्ेदारी साइबर सेल को सौंप दी. लिहाजा साइबर सेल द्वारा जांच करते हुए यह जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है कि ई-मेल भेजने वाला कौन है, उसकी लोकेशन क्या है. साइबर सेल द्वारा तकनीकी साक्ष्य जुटाते हुए यह जानने का प्रयास भी किया जा रहा है कि ई-मेल भेजने वाले किसी संगठन का हिस्सा तो नहीं हैं. इसी कड़ी में सुरक्षा एजेंसियां भी किसी भी संभावित खतरे को नजरअंदाज न करते हुए हाई अलर्ट पर काम कर रही हैं.
तहसील न्यायालय में भी हुई जांच
जहरीले बम से न्यायालय परिसर को उड़ाने जैसे धमकी भरे ई-मेल को गंभीरता से लेते हुए न सिर्फ जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर सतना में सघन जांच अभियान लाया गया. बल्कि मैहर और अमरपाटन सहित अन्य तहसील न्यायालय में भी बारीकी से छानबीन की गई. लेकिन कहीं भी किसी तरह की संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर वहां भी राहत की सांस ली गई. लेकिन यह मामला तब कहीं और गंभीर होता नजर आने लगा जब राज्य के बड़वानी में भी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय की ई-मेल आईडी में भी इसी तरह जहरीले बमों से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल प्राप्त हो गया. हलांकि वहां पर भी व्यापक सर्चिंग अभियान के बावजूद कुछ नहीं मिला. गौरतलब है कि न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी के ई-मेल का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले रीवा और छत्तीसगढ़ में भी इस तरह के ई-मेल भेज जा चुके हैं.
