भोपाल: महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होलकर को उनके सामाजिक सुधारों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने बेटियों की शादी की उम्र पर हो रही बहस का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ लोगों को इसमें सेक्युलरिज्म खतरे में नजर आता है, जबकि देवी अहिल्याबाई ने अपने समय में ही बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ सोच बनाई थी।
पीएम मोदी ने कहा कि अहिल्याबाई खुद कम उम्र में विवाह के बंधन में बंधी थीं, लेकिन वे जानती थीं कि बेटियों के विकास के लिए सही दिशा क्या होनी चाहिए। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए इसे नारी शक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक बताया। प्रधानमंत्री ने बीएसएफ की वीर बेटियों की सराहना की, जिन्होंने सीमा पर शौर्य और साहस के साथ मोर्चा संभाला और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया।
