भारत-नामीबिया संयुक्त व्यापार समिति की बैठक संपन्न, 2025-26 में आपसी व्यापार बढ़कर 59.3 करोड डॉलर रहा

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (वार्ता) भारत-नामीबिया संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) का चौथा सत्र 10 और 11 अगस्त को राजधानी में आयोजित किया गया जिसमें दोनों पक्षों ने व्यापार और निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर प्रतिबद्धता जताई। बैठक की समाप्ति पर मंगलवार को सहमति के बिंदुओं पर हस्ताक्षर किये गये। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की बुधवार जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को कच्चे माल पर आधारित संरचना से आगे बढ़ाकर नामीबिया में मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, चर्चाओं को निर्धारित समय सीमा और तय जिम्मेदारियों के साथ ठोस कार्य-प्रणालियों में बदलने पर भी सहमति व्यक्त की।

दो दिन की इस बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव अमित कुमार ने किया तथा नामीबियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नामीबिया के अंतर्राष्ट्रीय संबंध और व्यापार मंत्रालय की कार्यकारी निदेशक एनडीता एनघिपोंडोका-रोबियाती ने किया।

उद्घाटन भाषण वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव यशवीर सिंह द्वारा दिया गया। बैठक में उल्लेख किया गया कि द्विपक्षीय वस्तु व्यापार वर्ष 2024-25 में 56.84 करोड़ डॉलर से बढ़कर वर्ष 2025-26 में करीब 59.3 करोड़ डॉलर हो गया। इसमें भारत का निर्यात 34.91 करोड़ डॉलर और आयात 24.39 करोड़ डॉलर रहा। कैलेंडर वर्ष 2024 में सेवाओं के व्यापार में 7.34 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 38 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया।

नामीबिया के लिए भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 12.41 प्रतिशत बढ़कर तीन करोड़ डॉलर हो गया, जिसमें मोटर वाहन और उनके कलपुर्जों का प्रमुख योगदान रहा। फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा उपकरणों का निर्यात 3.65 करोड़ डॉलर पहुंच गया, जिससे भारत 16.4 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ नामीबिया का दूसरा सबसे बड़ा दवा आपूर्ति स्रोत बन गया। इन्वेस्ट इंडिया और नामीबिया निवेश संवर्धन एवं विकास बोर्ड को जेटीसी के निवेश संबंधी प्रमुख संपर्क केंद्र के रूप में नामित किया गया, जिसमें दोनों पक्षों की ओर से एक-एक नामित अधिकारी शामिल हैं। सेवा व्यापार के लिए एक सेवा कार्य समूह गठित किया जाएगा, जो फरवरी 2027 से पहले बैठक करेगा और समूह अपनी कार्य योजना जेटीसी को प्रस्तुत करेगा।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत पहला संयुक्त कार्य समूह दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड के साथ जनऔषधि सहयोग समझौता अंतिम रूप दिए जाने के उन्नत चरण में है। नामीबिया की मूल्यवर्धन और स्थानीय रोजगार सृजन की प्राथमिकताओं के अनुरूप लिथियम, ग्रेफाइट, तांबा, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्वों के क्षेत्र में अन्वेषण, खनिजों की खरीद, प्रसंस्करण तथा डाउनस्ट्रीम मूल्यवर्धन के लिए संरचित सहयोग की पहचान की गई।

नामीबिया को सूरत और मुंबई स्थित भारत के विशेष अधिसूचित क्षेत्रों तथा इंडिया रफ जेमस्टोन्स सोर्सिंग शो में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। साथ ही, हीरा काटने, तराशने और आभूषण डिजाइन के क्षेत्र में प्रशिक्षण सहायता प्रदान करने की पेशकश की गई। विज्ञप्ति में कहा कि भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर आधारित त्वरित भुगतान प्रणाली का कार्यान्वयन जारी रखने पर सहमति हुई,

जिसे 15 जून 2026 को नामीबिया में “वायामी” के नाम से शुरू किया गया था, साथ ही, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और बैंक ऑफ नामीबिया के बीच फिनटेक सहयोग ढांचे की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया। दोनों पक्षों ने रेलवे और रोलिंग स्टॉक, सौर और पवन ऊर्जा, बैटरी भंडारण, ट्रांसमिशन, ग्रीन हाइड्रोजन, जैव ईंधन और विलवणीकरण के क्षेत्र में सहयोग की पहचान की गई। जोटीसी का पांचवां सत्र वर्ष 2028 में नामीबिया में आयोजित किया जाएगा, जिसकी तिथि दोनों देशों द्वारा राजनयिक माध्यमों से आपसी सहमति से तय की जाएगी।

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