
नीमच / जावद। महात्मा गांधी कॉलेज जावद में बी.कॉम. प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम को लेकर विवाद सामने आया है। 40 से अधिक विद्यार्थियों को इंग्लिश लैंग्वेज और कॉस्ट अकाउंटिंग विषय में शून्य अंक मिलने का मामला सामने आने के बाद छात्रों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति का पुतला भी दहन किया गया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की गई।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने दोनों विषयों की परीक्षा दी थी, इसके बावजूद परिणाम में उन्हें शून्य अंक दिए गए हैं। विद्यार्थियों ने इसे परीक्षा परिणाम में गंभीर विसंगति बताते हुए मामले की जांच कराने और परिणाम में सुधार की मांग की है। छात्रों का कहना है कि यदि परिणाम में सुधार नहीं हुआ तो उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है।
मामले को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं और छात्रों ने महाविद्यालय पहुंचकर प्रभारी प्राचार्य मुजाल्दा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से परीक्षा परिणाम की जांच कराने, विद्यार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराने तथा दोष सामने आने पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई।
एबीवीपी ने उच्च शिक्षा विभाग और विक्रम विश्वविद्यालय प्रशासन से भी मामले की जांच की मांग की है। परिषद ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिन का समय दिया है। एबीवीपी पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि में छात्रों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो विश्वविद्यालय के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
परिणाम में विसंगति का आरोप
एक साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को संबंधित विषयों में शून्य अंक मिलने को लेकर छात्रों और एबीवीपी ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, परीक्षा परिणाम में शून्य अंक दिए जाने के वास्तविक कारण की पुष्टि विश्वविद्यालय या महाविद्यालय प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
