इंदौर: बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में इंदौर में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. सावित्रीबाई फूले राष्ट्रीय महिला एवं बाल विकास संस्थान क्षेत्रीय केंद्र इंदौर एवं डॉ. बी.आर. अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय महू के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त एक वर्षीय एडवांस डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड काउंसलिंग के प्रथम बैच का शुभारंभ गोमटगिरी स्थित परिसर में किया गया.
सत्र 2026-27 के पहले बैच में 18 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने प्रवेश लेकर पाठ्यक्रम की शुरुआत की. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. बी.आर. अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. रामदास गोमाजी अत्रम ने की. इस अवसर पर डीन डॉ. मनीषा सक्सेना, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रीता पटनायक सहित अन्य अतिथि उपस्थित रहे. डॉ. रीता पटनायक ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर, प्रोत्साहन और सम्मान मिलना चाहिए, जबकि डॉ. मनीषा सक्सेना ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशिक्षित बाल मनोवैज्ञानिकों की कमी और बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों के बीच इस पाठ्यक्रम की आवश्यकता पर जोर दिया.
कुलपति प्रो. अत्रम ने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन और जिज्ञासा बनाए रखने की प्रेरणा दी. कार्यक्रम के दौरान नव स्थापित एडवांस डिप्लोमा इन चाइल्ड गाइडेंस एंड काउंसलिंग कक्षा का उद्घाटन किया गया तथा अतिथियों और विद्यार्थियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया. यह पाठ्यक्रम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य एवं काउंसलिंग क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञ तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
