
सौंसर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित मिंटो हॉल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में सौंसर के पारंपरिक बुनकर शेषराव महादेव निमजे को राज्य स्तरीय कबीर बुनकर पुरस्कार से सम्मानित किया। श्री निमजे को हाथकरघा बुनाई कला में उत्कृष्ट एवं अपूर्व हुनर प्रदर्शित करने के लिए तृतीय पुरस्कार के रूप में शॉल, श्रीफल और 25,000 रुपये की पुरस्कार राशि का चेक प्रदान किया गया।
यह राज्य स्तरीय सम्मान कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के उपक्रम संत रविदास हाथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास निगम द्वारा प्रदान किया गया है। सौंसर के बुनकर को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिलने से क्षेत्र की पारंपरिक हाथकरघा कला और बुनकरी परंपरा का मान बढ़ा है, जिससे स्थानीय बुनकरों में भी भारी उत्साह है।
कार्यक्रम के आयोजन और बुनकरों की सहभागिता में जिला हाथकरघा कार्यालय सौंसर के सहायक संचालक एवं विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने बुनकरों को भोपाल ले जाने तथा समारोह में सहभागिता सुनिश्चित करने में आवश्यक सहयोग प्रदान किया।
*स्थानीय उत्पादों को मिलेगा व्यापक बाजार*
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ODOP मार्ट एवं ‘द मृगनयनी’ वेब पोर्टल का भी लोकार्पण किया। इन डिजिटल और विपणन पहलों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय बुनकरों, शिल्पियों और ग्रामीण उद्यमियों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्त कर उनके उत्पादों को सीधे व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। इन माध्यमों से प्रदेश के हाथकरघा व हस्तशिल्प उत्पादों की पहुंच राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगी, जिससे बुनकरों की आय में वृद्धि होगी और पारंपरिक हुनर को नया जीवन मिलेगा।
