
नयी दिल्ली, 11 अगस्त (वार्ता) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) राज्यसभा सांसद पी. संदोष कुमार ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में कम्युनिस्ट आंदोलन के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को राज्यसभा के रिकॉर्ड से हटाने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को मंगलवार को पत्र लिखा है। श्री कुमार ने कहा कि आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को निरस्त करने की मांग वाली चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने भाकपा सांसद जॉन ब्रिटास के संदर्भ में कम्युनिस्टों को “टोटल कायर” बताते हुए पूरे कम्युनिस्ट आंदोलन पर टिप्पणी की।
भाकपा सांसद ने इन टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि राजनीतिक असहमति को व्यक्तिगत अपमान या किसी पूरे राजनीतिक आंदोलन के अपमानजनक चरित्र चित्रण तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्टों ने देश के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया, जेल और अंग्रेजी शासन के अत्याचार और दमन झेला और लोकतंत्र, श्रमिक अधिकार, सामाजिक न्याय और जनता के अधिकारों के संघर्ष में महत्वपूर्ण बलिदान दिए। भाकपा सांसद ने सभापति से संसदीय नियमों और स्थापित परंपराओं के अनुरूप आपत्तिजनक टिप्पणियों को आधिकारिक रिकॉर्ड से हटाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए तीखी राजनीतिक बहस स्वीकार्य है लेकिन किसी विचारधारा या राजनीतिक आंदोलन के खिलाफ व्यक्तिगत अपमान और आपत्तिजनक टिप्पणियां उचित नहीं हैं।
