रात भर आसमान से बरसी आफत ,बाढ़ के हालात

सीहोर। आखिरकार सीजन की सबसे तेज, लेकिन आफत भरी बारिश ने बीती रात के अंधेरे में दस्तक दे डाली. रविवार की सुबह से जारी रिमझिम बारिश से खुशनुमा हुआ मौसम देर रात को बिगड़ गया. रात भर में छह इंच से अधिक बारिश ने संपूर्ण क्षेत्र को जलमग्र कर दिया. सुबह के उजाले में कई गांव टापूओं की तरह पानी से घिरे नजर आए. इसी तरह नदी- नाले भी उफन गए और कई गांवों को शहर से संपर्क टूट गया. सीहोर के अलावा श्यामपुर तहसील में भी भारी बारिश ने रौद्र रूप दिखाते हुए कई कच्चे मकानों को जमीन पर ला दिया. सर्वाधिक 210 मिमी वर्षा श्यामपुर तहसील में रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा सीहोर तहसील में 170 एमएम बारिश दर्ज की गई.

सीजन में मानसून की बेरुखी ने लोगों को चिंतित कर दिया था. लगातार कई दिन से बारिश का क्रम थमा रहने से सूखे के आसार नजर आ रहे थे. हालांकि रविवार को सुबह से रह- रहकर हो रही मामूली बूंदाबांदी ने माहौल को खुशनुमा बना दिया था, लेकिन देर रात को बदले मौसम ने रौद्र रूप दिखाया और मूसलाधार बारिश का सिलसिला शुरू हो गया. सुबह जब लोगों की नींद खुली तो चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया.

रविवार रात से सोमवार सुबह तक हुई तेज और मूसलाधार बारिश ने जिले के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. रातभर आसमान से बरसी आफत के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए और कई गांवों का जिला मुख्यालय से सड़क संपर्क टूट गया. सड़कों पर पानी का तेज बहाव होने से आवागमन प्रभावित रहा. कई गांवों में ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. शहर में भी अनेक स्थानों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई. बारिश का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला. बमुलिया, शिकारपुर, धामनखेड़ा, काहिरी, सेमली, खुटियाखेड़ी, सागोनी, इमलीखेड़ा और टांकपुरा सहित कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हो गया. सड़क मार्गों पर पानी भरने और नालों में तेज बहाव के चलते लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया. कई स्थानों पर हालात ऐसे रहे ग्रामीणों को पानी का बहाव कम होने का इंतजार करना पड़ा.

रातभर हुई बारिश ने सीहोर शहर की जल निकासी व्यवस्था की भी परीक्षा ले ली. शहर के कई हिस्सों में पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. निचले इलाकों में सड़कें पानी से लबालब नजर आईं. बारिश के कारण कई मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई और लोगों को जलभराव के बीच से होकर गुजरना पड़ा.

मूसलाधार बारिश के बाद कर्बला पुल पर भी पानी का बहाव बढ़ गया. सुरक्षा को देखते हुए पुल से यातायात रोक दिया गया. पुल के आसपास पुलिस और प्रशासन की निगरानी रही, ताकि कोई व्यक्ति तेज बहाव के बीच से निकलने का प्रयास न करे. पुल पर आवागमन बंद होने से सीवन नदी के एकमात्र पुल पर यातायात का दबाव बढ़ा. इसी तरह कस्बा स्थित इलाही माता पुल के ऊपर से भी पानी तेज बहाव के साथ बह रहा था. बहाव इतना तेज था कि उसने वहां हाल ही में नगरपालिका द्वारा बिछाई गई पेयजल की पाइपलाइन को उखाड़ा डाला.

तेज बारिश और जलभराव के बाद प्रशासनिक अमला भी अलर्ट मोड पर रहा. नदी-नालों और पुल-पुलियाओं के आसपास विशेष निगरानी रखी गई. ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है. लगातार बारिश के चलते प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और तेज बहाव वाले नदी-नालों से दूरी बनाए रखने की अपील की है.

एसडीआरएफ ने किया गर्भवती महिला का रेस्क्यू

तहसील के ग्राम पड़ली में चहुंओर पानी ही पानी नजर आ रहा था. ऐसे में एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने की चुनौती सामने आ गई. प्रशासन को सूचित किया. मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने ग्रामीण युवाओं की मदद से सुरक्षित रेस्क्यू कर समय पर अस्पताल पहुंचाया गया.गर्भवती महिला को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी.

श्यामपुर तहसील के अनेक गांव हुए प्रभावित

जिले में सर्वाधिक 210 एमएम बारिश ने श्यामपुर तहसील के अनेक गांवों में जलप्रलय के हालात नजर आ रहे थे. लगातार बारिश का असर श्यामपुर तहसील के दर्जनों गांवों में भी देखने को मिला. यहां कई नदी-नाले उफान पर आ गए. सिराड़ी, छतरी सहित अन्य गांवों में पानी खतरनाक बहाव के साथ बहता नजर आया. ग्रामीण क्षेत्रों में रास्तों पर पानी भरने से आवागमन बाधित रहा. कुछ स्थानों पर पानी खेतों तक पहुंच गया, जिससे ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई. कई कच्चे मकान ढह गए. इस मौके पर विधायक प्रतिनिधि राजकुमार जायसवाल ने प्रभावित ग्रामों का दौरा किया और अतिवर्षा से प्रभावित ग्रामीणों को आर्थिक सहायता राशि प्रदान की.

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