
छिंदवाड़ा। शहर के देहात थाना क्षेत्र अंर्तगत हनी ट्रेप से जुड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में देहात थाना पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें दो महिलाएं और तीन पुरूष शामिल है। सोमवार को पुलिस ने गिरफ्त में आए तीनों युवकों का जुलूस निकाल सभी आरोपियों को न्यायलय में पेश किया है। देहात थाना प्रभारी गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी कोयलांचल के रहने वाले है। इनमें से दो ऐसे है जिनके खिलाफ अन्य थानों में जुआ मारपीट और धोकाधड़ी के पहले से अपराध दर्ज है। इस मामले प्राथी के आवेदन पर पुलिस ने उसकी पहचान को उजागर नहीं किया है। पकड़े गए आरोपियों में चांदामेटा निवासी नुरूल हसन पिता तजम्मुल हसन 35 वर्ष, इकलेहरा निवासी तनवीर उल्ला पिता तस्कीर उल्ला 45 साल, बडकुही निवासी संदेश सोनी पिता स्व महेश सोनी, 40 साल के अलावा दो महिलाएं भी शामिल है। पुलिस ने बीएनएस की अलग अलग धाराओं के तहत अपराधियों को पकडक़ पर अंजाम तक पहुंचा दिया है।
वारदात को दिया अंजाम ०००००००
बताया जा रहा ह कि पुलिस ने जो दो महिलाओं को हिरासत में लिया है उनमें एक महिला से फरियादी की जान पहचान थी उसी ने फरियादी को छिंदवाड़ा के देहात थाना स्थित गुरैया मार्ग के एक मकान में बुलाया था। जब फरियादी वहां पहुंचा तो प्री प्लान के तहत महिला और उसके साथियों ने युवक को ब्लैक मेल करना शुरू कर दिया। आरोपियों ने मकान पर बुलाए गए फरियादी को पहले डराया धमकाया और उसके बाद कपड़े उतरवाकर उसका अशलील वीडियों तैयार कर लिया। साथ ही वीडियों वायरल करने की धमकी देते हुए पांच लाख रूपए की डिमांड कर दिया। रकम न देने पर रेप केस में फसाने की धमकी भी दी जा रही थी। वहां से निकलने के बाद फरियादी ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी।
तुरंत मामले की जांच में जुटी पुलिस ०००००
पुलिस ने फरियादी की शिकायत दर्ज करने के बाद जब मामले की तफ्तीश की तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इस दौरान पुलिस ने एक के बाद एक सभी पांच आरोपियों को गिरफ्त में ले लिया। आरोपियों के पास से घटना से संबधित सबूत भी मिले है। विवेचना के दौरान आरोपियों ने अपराध को अंजाम देना भी पुलिस के समक्ष कुबूल कर लिया है।
इस टीम ने की कार्रवाई ०००००
टीआई गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से पांच मोबाईल फोन, एक कार जब्त की गई है। जिनकी कीमत तकरीबन 3 लाख 25 हजार रूपए के करीब है। इस पूरी कार्रवाई में एसआई करिशमा चौधरी। एएसआई संदीप सिंह राजपूत, एएसआई राजेश रघुवंशी, आरक्षक सूरज सिंह चौहान, शेरसिंह रघुवंशी, सौरभ बघेल, तरूण परतेती, उमेश उइके थाना कुंडीपुरा के प्रधान आरक्षक रवीन्द्र ठाकुर जीवन रघुवंशी, सायबर सेल के नितिन और आदित्य का योगदान रहा है। मामले में पुलिस कप्तान ने टीम को पुरूष्कृत करने की घोषणा की है
