नागपुर, 10 अगस्त (वार्ता) महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को नोटबंदी के खिलाफ कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन से जुड़े 2017 के एक मामले में जमानत मिली।
गौरतलब है कि यह मामला 18 जनवरी, 2017 को नागपुर के कॉन्स्टिट्यूशन स्क्वायर में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित एक विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसके दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई थी और हंगामा हुआ था।
सदर पुलिस ने 19 जनवरी, 2017 को प्राथमिकी दर्ज की थी और बाद में इस मामले में आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसे आरसीसी नंबर 3540/2022 के तौर पर दर्ज किया गया था। श्री चव्हाण अदालत संख्या 5 में न्यायाधीश एनएन चिंतामन के सामने पेश हुए और उन्हें जमानत दे दी गई।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विखे पाटिल उन आरोपियों में शामिल थे जो इस मामले में अदालत में पेश हुए और उन्हें जमानत मिली। नागपुर के विधायक विकास ठाकरे, पूर्व पार्षद प्रशांत धावड़, उमाकांत अग्निहोत्री और प्रज्ञा बडवाइक को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी थी।
श्री चव्हाण के साथ नागपुर कांग्रेस प्रमुख प्रफुल्ल गुडाधे, पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक, कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंडे और पार्टी के अन्य नेता भी अदालत में मौजूद थे। अधिवक्ता राकेश कोचर, अनुष्का कोचर और सानिया कोचर ने अदालत में चव्हाण और अन्य आरोपियों का पक्ष रखा।
