कोलकाता, 10 अगस्त (वार्ता) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के काफिले पर हुए हमले को प्रशासनिक समर्थन से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी घटना बगैर प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की शह के नहीं हो सकती।
श्री अभिषेक ने सोमवार को दिल्ली में संसद परिसर से आरोप लगाया कि सरकार का मकसद बंगाल से विपक्ष को खत्म करना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के समर्थन के बिना ऐसी घटना नहीं हो सकती थी। श्री अभिषेक ने कहा, “वे नहीं चाहते कि विपक्ष का अस्तित्व रहे। वे विपक्षी नेताओं की हत्या भी करना चाहते हैं। रविवार की घटना साबित करती है कि प्रशासनिक समर्थन के बिना ऐसा हमला असंभव है।”
उन्होंने घटना के सीसीटीवी फुटेज और दृश्यों का जिक्र करते हुए सुश्री ममता बनर्जी की गाड़ी पर पत्थर, ईंटें और कीचड़ अंधाधुंध फेंके जाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय मौजूद कई लोगों ने पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था और उनकी वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें थीं, जिन्हें उन्होंने सबूत के तौर पर पेश करने का दावा किया। श्री अभिषेक ने राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए और जून की एक घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष से मिलने के बाद वे 19 जून की रात कोलकाता हवाई अड्डे पहुंचे थे, जहां भाजपा समर्थित एक अपराधी को हथियार लिए देखा गया था।
श्री अभिषेक ने आरोप लगाया, “पुलिस ने अभी तक उस व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया है। उस अपराधी की मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ तस्वीरें हैं। उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है क्योंकि उसे मुख्यमंत्री का संरक्षण प्राप्त है।” उन्होंने राज्य सरकार पर टीएमसी को राजनीतिक कार्यक्रम और जनसभाएं करने से रोकने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “वे तृणमूल कांग्रेस से डरे हुए हैं।”
