
सुनिल योगी
बागली। मालवा अंचल की सबसे बड़ी एवं ऐतिहासिक बोल बम कावड़ यात्रा सोमवार को नरवर से पूजा-अर्चना के बाद बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंची। नरवर से यात्रा प्रारंभ होने से पहले तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के बीच भी कावड़ यात्री पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ आगे बढ़ते रहे। मार्ग में “दीनबंधु दीनानाथ पानी बरसा, भोलेनाथ” जैसे जयघोषों से वातावरण शिवमय हो गया।
यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं एवं सामाजिक संगठनों द्वारा कावड़ यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया गया। चंदाना में अंबिका सेव भंडार इंदौर की ओर से प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी कावड़ यात्रियों के लिए साबूदाने की खिचड़ी की व्यवस्था की गई। वहीं शेर सिंह ठाकुर ने कावड़ यात्रा के प्रमुखों का साफा बांधकर स्वागत एवं सम्मान किया।
इसके बाद चंदेरी में लाल ठाकुर मित्र मंडल द्वारा सभी कावड़ यात्रियों को दूध पिलाया गया। महाकाल ग्रुप की ओर से फल वितरित किए गए। वहीं भदौरिया परिवार एवं भारत भूषण पेट्रोल पंप पर कावड़ यात्रियों का स्वागत कर अल्पाहार कराया गया।
उज्जैन पहुंचने पर श्री नागर चित्तौड़ा समाज की ओर से जवाहर चित्तौड़ा, विक्रम चित्तौड़ा, पूर्व सभापति प्रकाश चित्तौड़ा सहित समाजजनों ने प्रजापति धर्मशाला पहुंचने पर कावड़ यात्रियों का स्वागत-सत्कार किया। इस दौरान सभी यात्रियों को साबूदाने की खीर खिलाई गई।
सोमवार शाम प्रजापति धर्मशाला में जय शिव महाकाल सेवा समिति देवास एवं इंदौर, श्री नागर चित्तौड़ा समाज के गुप्त दानदाताओं एवं सीए महेंद्र हैतावल के सहयोग से सभी कावड़ यात्रियों के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई।
नर्मदा जल से होगा बाबा महाकाल का अभिषेक
यात्रा संयोजक गिरधर गुप्ता, पंडित दीपक शास्त्री एवं प्रदीप मेहता बरोठा ने बताया कि मंगलवार सुबह 6 से 9 बजे तक सभी कावड़ यात्री बाबा महाकाल का मां नर्मदा के पवित्र जल से जलाभिषेक करेंगे। उन्होंने बताया कि धाराजी से उज्जैन तक यात्रा मार्ग में विभिन्न ग्रामों में श्रद्धालुओं और मातृशक्ति ने मां नर्मदा की पूजा-अर्चना कर कावड़ यात्रियों के लिए भोजन, जलपान एवं अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की।
इस वर्ष यात्रा का 30वां वर्ष रहा। यात्रा में करीब 1500 कावड़ यात्री शामिल हुए। देवास, इंदौर, उज्जैन और सीहोर के अलावा अहमदाबाद तथा बिहार से आए श्रद्धालुओं ने भी कावड़ यात्रा में सहभागिता की।
सपत्नीक यात्रा में शामिल हुए सीए और व्यापारी
कावड़ यात्रा में इंदौर के एक सीए अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए। वहीं एक प्रसिद्ध व्यापारी भी अपनी पत्नी एवं बच्ची के साथ कावड़ यात्रा में शामिल होकर बाबा महाकाल के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए यात्रा पूरी की।
तेज बारिश, लंबी दूरी और रास्ते की कठिनाइयों के बावजूद कावड़ यात्रियों का उत्साह पूरे मार्ग में देखने को मिला। बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोषों के साथ 30वीं कावड़ यात्रा मंगलमय रूप से संपन्न हुई।
