रक्षाबंधन से पहले गुलजार हुआ रानीपुरा का थोक राखी बाजार

इंदौर: रक्षाबंधन नजदीक आते ही शहर का रानीपुरा बाजार राखियों के थोक कारोबार से गुलजार होने लगा है. मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के साथ राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी व्यापारी राखियों की थोक खरीदारी के लिए इंदौर पहुंच रहे हैं. थोक दुकानों पर खरीदारों की आवाजाही बढ़ने लगी है और कारोबारियों को आने वाले दिनों में बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है.

रानीपुरा बाजार में पारंपरिक मौली और रेशमी धागों वाली राखियों के साथ फैंसी और डिजाइनर राखियों की बड़ी रेंज उपलब्ध है. मोतियों वाली राखी, ब्रेसलेट स्टाइल, धार्मिक प्रतीकों वाली राखी, बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर, म्यूजिक और लाइट वाली राखियां, अमेरिकन डायमंड, घड़ी और टेडी बेयर डिजाइन की राखियां खरीदारों को पसंद आ रही हैं. अलग-अलग उम्र और पसंद के अनुसार वैरायटी उपलब्ध होने से थोक व्यापारी भी फुटकर बाजार के लिए विविध स्टॉक तैयार कर रहे हैं.

एक ही बाजार में मिल रही कई तरह की वैरायटी
थोक व्यापारी गोपाल दास वागले के अनुसार रानीपुरा की सबसे बड़ी खासियत यहां मिलने वाली राखियों की विविधता है. एक ही बाजार में अलग-अलग डिजाइन, रंग और कीमत की राखियां उपलब्ध होने से व्यापारियों को अलग-अलग जगहों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती. सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले व्यापारी अपनी जरूरत के अनुसार एक ही स्थान से स्टॉक तैयार कर लेते हैं.

व्यापारियों ने बताया क्यों पसंद है इंदौर
पचोर से आए व्यापारी रोज गोस्वामी ने बताया कि वे कई वर्षों से राखी का कारोबार कर रहे हैं. पहले दूसरे शहरों से राखियां खरीदते थे, जहां कई बार एक जैसी वैरायटी ही उपलब्ध होती थी. पिछले पांच वर्षों से इंदौर से खरीदारी कर रहे हैं. उनके अनुसार यहां कम कीमत में कई तरह की राखियां मिल जाती हैं, जिससे लागत कम होने के साथ कारोबार करना भी आसान हो गया है.

कालापीपल के व्यापारी मनोज माहेश्वरी ने बताया कि पहले बाहर के शहरों से राखियां खरीदकर लाते थे, लेकिन इंदौर में वैरायटी, गुणवत्ता और उचित दाम के साथ बेहतर सुविधा मिल रही है. उन्होंने कहा कि इंदौर के व्यापारियों का व्यवहार भी अच्छा है, इसलिए अब वे राखियों की खरीदारी के लिए इंदौर को प्राथमिकता देते हैं.
शाजापुर निवासी खेरची व्यापारी पप्पू ने बताया कि व्यापार शुरू करने के बाद से वे इंदौर से ही राखियां खरीद रहे हैं। यहां उचित कीमत पर बच्चों और बड़ों के लिए अलग-अलग थीम की राखियां मिल जाती हैं. पिछले साल की तुलना में इस बार राखियों के दाम कुछ बढ़े हैं, लेकिन इंदौर में उचित भाव और अच्छी वैरायटी मिलने से व्यापार में फायदा हो रहा है.

1 से 500 रुपए तक की राखियां उपलब्ध
थोक व्यापारी सतीश अमरवानी ने बताया कि राखी का कारोबार त्योहार से करीब डेढ़ से दो महीने पहले ही शुरू हो जाता है. उनके पास 1 रुपए से लेकर 500 रुपए तक की अलग-अलग रेंज की राखियां उपलब्ध हैं. अमेरिकन डायमंड, घड़ी, साउंड और टेडी बेयर वाली राखियों की मांग बनी हुई है. इसके अलावा सूती और रेशमी धागों से बनी पारंपरिक राखियां भी खरीदी जा रही हैं. आने वाले दिनों में कारोबार और बढ़ने की उम्मीद है.

सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच रहा माल
रानीपुरा से मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों के साथ राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्रों तक राखियों की थोक आपूर्ति हो रही है. इंदौर की भौगोलिक स्थिति और रानीपुरा में एक ही स्थान पर अलग-अलग रेंज उपलब्ध होने से बाहर से आने वाले व्यापारियों के समय और परिवहन खर्च में भी बचत हो रही है. कारोबारियों का कहना है कि रक्षाबंधन जैसे-जैसे करीब आएगा, फुटकर बाजार की मांग बढ़ेगी और इसके साथ थोक कारोबार की रफ्तार भी तेज होगी.

समय और परिवहन खर्च की भी बचत
सीमावर्ती क्षेत्रों के व्यापारियों के लिए इंदौर से खरीदारी करना समय की दृष्टि से भी सुविधाजनक है. बड़े महानगरों तक जाने की तुलना में इंदौर पहुंचना आसान होने से खरीदारी में लगने वाला समय और परिवहन खर्च कम हो जाता है. व्यापारी एक ही बाजार में अलग-अलग डिजाइन और रेंज की राखियां देखकर अपनी जरूरत के मुताबिक स्टॉक तैयार कर लेते हैं.

थोक व्यापारियों से खरीदारी पहली पसंद
इंदौर की महिलाएं अधिकतर थोक व्यापारियों के यहां खरीदारी करना पसंद कर रही हैं. राखी पर इंदौर से बाहर जाने वाली बहनों ने भीड़ कम होने और अच्छा स्टॉक उपलब्ध होने के कारण थोक व्यापारियों से खरीदारी की. इंदौर के बाजार में राखियां की बड़ी रेंज उपलब्ध होने से उन्हें बेहतर विकल्प मिल रहे हैं. बच्चों की पसंद की राखियां और बड़ों के लिए विशेष तौर पर बनी रहियो की खरीदारी शुरू हो चुकी है जिसके कारण महिलाओं ने अपनी पसंद की खरीदारी शुरू की.

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