विश्व आदिवासी दिवस पर निकाली गई भव्य रैली में हजारों की संख्या में समाजजन हुए शामिल

झाबुआ। रविवार को विश्व आदिवासी दिवस पर सर्व संगठन आदिवासी समाज समिति द्वारा आदिवासी बाहुल जिले की संस्कृति एवं परंपरा अनुरूप रैली का भव्य आयोजन जिला मुख्यालय पर किया गया। जिसमें जिलेभर से हजारों की संख्या में समाजजन विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के नेतृत्व में रैली में सम्मिलित हुए। हाट बाजार का दिन होने से रैली में समाजजनों की जबर्दस्त भीड़ रहीं। पूरा शहर विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाओं और बधाई संदेश के होर्डिंग्स, बैनर आदि से पटा नजर आया। भव्य रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड पर विशाल सभा का आयोजन हुआ। जिसमें वक्ताओं एवं अतिथियों ने आदिवासी समाज की अनादिकाल से चली आ रहीं परंपराओं और रीति-रिवाजों की जानकारी देते हुए आजादी के इतिहास में आदिवासी समाज के योगदान पर भी प्रकाश डाला। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में प्रतिवर्ष आदिवासी समाज द्वारा धूमधाम से एवं हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जाता है। इस वर्ष भी शहर में सर्व संगठन आदिवासी समाज समिति द्वारा विभिन्न आयोजन किए गए। जिसमें समिति द्वारा जिला मुख्यालय पर भव्य रैली एवं बस स्टैंड पर विशाल सभा का आयोजन हुआ। जिसमें हजारों की संख्या में समाजजनों की उपस्थिति रहीं। रैली का भव्य नजारा काफी विहंगम रहा। वहीं सभा के दौरान भी पूरा बस स्टैंड भीड़ से खचाखच दिखाई दिया। रविवार को शासकीय अवकाश के साथ हाट बाजार का दिन होने से आयोजन में दुगुना भीड़ रहीं। आयोजन समिति एवं विभिन्न संगठनों की ओर से जिलेभर में शुभकामना और बधाई संदेश के जगह-जगह होर्डिंग्स, बैनर आदि लगाए गए। निर्धारित कार्यक्रम अनुसार रविवार दोपहर 11 बजे से सर्व संगठन आदिवासी समाज के बेनर तले समस्त आदिवासी संगठनों से जुड़े पदाधिकारी-सदस्य, समाजजन उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान पर जुटना आरंभ हो गए थे। यहां से दोपहर करीब 2 बजे पूरे उत्साह और उल्लास के साथ ढोल-मांदल और पारंपरिक वेशभूषा में भव्य रैली की शुरुआत हुई। रैली के आगे ढोल-मांदल पर ग्रामीण युवक युवतियों के समूह ने आदिवासी परिधानों में जमकर नृत्य किया। जिसके पीछे विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारी- सदस्य अपने हाथों में तीर-कमान, गौफन और आदिवासी झुलडी पहनकर आदिवासी गीतों पर थिरकते हुए चले। संगठनों द्वारा अपने-अपने झंडों और नारों के साथ रैली में भाग लिया गया। यह रैली करीब एक किमी लंबी रहीं। आयोजन में समाजजनों का उत्साह देखते ही बना। *इनकी रहीं मुख्य रूप से सहभागिता -* रैली में विशेष रूप से आयोजन समिति से जुड़े सुनील डावर, रावजी भूरिया, सोमसिंह भूरिया, विजय डामोर, कमलेश सिंगार, धर्मेंद्र पिंटू, शंभूसिंह डोडियार, अमरसिंह भाबोर, बेनेडिक्ट डामोर, रणजीतसिंह डामोर, बच्चूसिंह डावर, बाबूसिंह कटारा, एमएल फुलपगारे, मथियास भूरिया, विनय भाबोर, रवि भूरिया, गब्बरसिंह वास्केल आदि के साथ अतिथि के रूप में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया एवं अन्य कांग्रेसजन भी शामिल हुए। विधायक डॉ. भूरिया ने सभी को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की। *यह रहा मार्ग -* रैली उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से आरंभ होकर सज्जन रोड, छतरी चौक तिराहा, मेन बाजार, थांदला गेट, रूनवाल बाजार, लक्ष्मीबाई मार्ग, राजवाड़ा से आजाद चौक, मुख्य मार्ग होते हुए शाम करीब 4.30 बजे बस स्टैंड पहुंची। जहां विशाल सभा का आयोजन हुआ। जिसमें विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं वक्ताओं द्वारा उद्बोधन दिया गया। *आदिवासी समाज का इतिहास आजादी से पूर्व का और संस्कृति विश्व में लोकप्रिय -* सभा को संबोधित करते हुए सर्व संगठन आदिवासी समाज समिति से जुड़े वरिष्ठजनों एवं युवाओं में कार्यक्रम संयोजक सुनील डावर, रावजी भूरिया, सोमसिंह भूरिया, विजय डामोर, कमलेश सिंगार, बेनेडिक्ट डामोर, शंभूसिंह डोडियार, बाबूसिंह कटारा, मथियास भूरिया, विनय भाबोर आदि ने आदिवासी समाज के देश की आजादी में योगदान पर प्रकाश डाला। साथ ही आदिवासी संस्कृति तथा परंपरा को पूरे विश्व में लोकप्रिय बताते हुए भगोरिया हाटों का भी जिक्र किया। वक्ताओं ने बताया कि आदिवासी समाज के महान क्रांतिकारी टंट्या भील, राणा पूंजा, भगवान बिरसा मुंडा जैसे अनेक महापुरुषों का देश की आजादी में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आदिवासी समाज का इतिहास और परंपरा गौरवशाली और वैभवपूर्ण है। आज समाज के युवक-युवतियां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रहे है तथा जिले का मान बढ़ा रहे है। आदिवासी समाज के रीति-रिवाज और परंपराएं अनादिकाल से भी पहले से चली आ रहीं है। *जल, जंगल, जमीन पर आदिवासी समाज का अधिकार -* अतिथि के रूप में उपस्थित आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने बताया कि आज आदिवासी समाज शक्तिशाली और समृद्ध होकर हर क्षेत्र और कार्यों में अग्रणीय पंक्ति में है। जल, जंगल, और जमीन पर आदिवासी समाज का अधिकार है। डॉ. भूरिया ने आव्हान करते हुए कहा कि हम अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों को कभी ना भूलाएं और अपने हक तथा अधिकारों के लिए हमेशा तत्पर रहे। उन्होंने विश्व आदिवासी दिवस की समस्त समाजजनों को बधाई दी और कहा कि आज का दिन बाद गौरव का दिन है, जब पूरा समाज और सभी संगठन एक जाजम पर आकर आदिवासी समाज के हित, अधिकारों और मांगों के लिए कार्य करने हेतु कृत-संकल्पित है। अंत में आभार सर्व संगठन आदिवासी समाज समिति की ओर से कार्यक्रम संयोजक सुनील डावर एवं बेनेडिक्ट डामोर ने माना। *पुलिस एवं प्रशासन रहा मुस्तैद -* भव्य रैली एवं विशाल सभा के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से डीएसपी कमलेश शर्मा, थाना प्रभारी आरसी भास्करे, ट्रैफिक प्रभारी रोहित निकम के साथ जिला प्रशासन से डिप्टी कलेक्टर सुनीलकुमार डावर, एसडीएम महेशकुमार मंडलोई आदि के नेतृत्व में सुरक्षा एवं व्यवस्था चाक-चौबंद रहीं। विश्व आदिवासी दिवस होने से रविवार को हाट बाजार में भीड़ दुगुना रहीं। समाज के युवक-युवतियां विशेष परिधानों में सज-संवरकर हाट बाजार में खरीदी करने हेतु पहुंचे। दिनभर समाजजनों द्वारा एक-दूसरे को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष शुभकामनाएं देने का भी क्रम चलता रहा।

Next Post

पीएम मोदी ने पदक विजेताओं से मुलाकात की, उनके शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी

Sun Aug 9 , 2026
नयी दिल्ली, 09 अगस्त (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में भारत के कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल विजेताओं से मुलाकात की और ग्लासगो गेम्स में उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें बधाई दी। भारत ने मेडल तालिका में चौथा स्थान हासिल किया, जिसमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और नौ ब्रॉन्ज़ […]

You May Like