
सिंगरौली। जिले के बरगवां थाना क्षेत्र के ग्राम पोखरा में प्रेम प्रसंग के चलते युवक की निर्मम हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने युवक को घर बुलाकर पहले करंट लगाया, फिर लाठी-डंडों से मारपीट की और कुल्हाड़ी से उसका पैर काट दिया। गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक संदीप यादव उम्र 20 निवासी आजादपुर-घिनहागांव थाना बरगवां का ग्राम पोखरा निवासी पूजा पनिका से पिछले कई महीनों से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी और संदीप कई बार पूजा से मिलने उसके घर भी जाता था। इसी बीच पूजा पनिका का विवाह उ.प्र. के ओबरा में तय हो गया। इस बात का संदीप यादव विरोध करने लगा और वह पूजा पर उससे शादी करने का दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर पूजा पनिका ने पूरी बात अपनी मॉ मुन्नी देवी, भाई मेलासागर पनिका और चाचा भोलानाथ पनिका को बताई। बताया गया कि पहले भी पूजा का रिश्ता टूटने से परिवार को सामाजिक बदनामी झेलनी पड़ी थी। ऐसे में परिवार के चारों लोगों ने मिलकर संदीप को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। योजना के तहत 27 फरवरी की रात पूजा पनिका ने संदीप यादव को मिलने के लिए अपने घर बुलाया। जैसे ही संदीप वहां पहुंचा, चारों आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और पूजा से दूर रहने के लिए समझाने लगे। लेकिन संदीप शादी करने की जिद पर अड़ा रहा। इसके बाद आरोपियों ने पहले उसे बिजली का करंट लगाया और लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की। जब वह फिर भी नहीं माना तो आरोपी भोलानाथ पनिका ने गुस्से में आकर कुल्हाड़ी से उसका बायां पैर काट दिया।
पुलिस टीम होगी पुरस्कृत
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रीवा गौरव सिंह राजपूत और पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमंत सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की मदद से घटनास्थल और आरोपियों के घर से साक्ष्य जुटाए। वैज्ञानिक जांच और पूछतांछ के बाद चारों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी भोलानाथ पनिका उम्र 39, मेलासागर पनिका उम्र 19, पूजा पनिका उम्र 20 और मुन्नी देवी पनिका उम्र 40 को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त लाठी, कुल्हाड़ी, बिजली का तार और मोबाइल फोन भी जप्त किए गए हैं। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस टीम को इस मामले के सफल खुलासे पर दस हजार रुपये के नगद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
सुराग मिटाने जला दिया था कपड़ा
लगातार मारपीट और अत्यधिक खून बहने के कारण संदीप बेहोश हो गया। आरोपियों ने उसे मृत समझ लिया और रात में ही उसे उठाकर घर के पास परमानंद बैस के अरहर के खेत में फेंक दिया। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए घर में गिरे खून को गोबर से पुताई कर ढक दिया गया तथा संदीप के कपड़ों को भी जला दिया गया, ताकि मामला जंगली जानवरों के लिए लगाए गए करंट तार से हादसा प्रतीत हो। अगली सुबह ग्रामीणों ने खेत में संदीप को गंभीर हालत में पड़ा देखा और इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घायल संदीप को तत्काल जिला अस्पताल बैढ़न पहुंचाया, जहां से उसे जबलपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जहां पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुये कई टीमें गठित कर विवेचना में लगा दी। पुलिस को आखिरकार हत्या के आरोपियों को अपने गिरफ्त में ले ली है।
