
सीधी। संजय टाइगर रिजर्व के ब्यौहारी बफर रेंज अंतर्गत मझौली बीट के धनौली गांव में शुक्रवार की सुबह एक सूखे कुएं में गिरे भालू का टाइगर रिजर्व की टीम ने सूझबूझ और सतर्कता के साथ सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे ग्राम सरपंच से सूचना मिलने के बाद वन विभाग का अमला तत्काल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। कई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तीसरे प्रयास में भालू को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
ऐसे हुआ रेस्क्यू –
टीम ने उपलब्ध जाल में बांस के टुकड़े फंसाकर अस्थायी चटाई तैयार की और उसे कुएं में सावधानीपूर्वक फैलाया। इसके बाद भालू पर पानी डाला गया, जिससे वह शांत हुआ और जाल पर आकर बैठ गया। टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए तीसरे प्रयास में भालू को बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व ब्यौहारी बफर के परिक्षेत्र अधिकारी अर्पित मेराल ने किया। सफल रेस्क्यू के बाद भालू को स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत सुरक्षित वन क्षेत्र में छोडऩे की कार्रवाई की गई। वन विभाग की तत्परता और टीम की कार्यकुशलता की ग्रामीणों ने सराहना की।
भोजन और पानी की तलाश –
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बरसात के मौसम में भोजन और पानी की तलाश में भालू सहित अन्य वन्यजीव कई बार जंगल से लगे गांवों की ओर पहुंच जाते हैं। इस दौरान खुले या सूखे कुएं, गहरे गड्ढे और बिना सुरक्षा व्यवस्था वाले जलस्रोत उनके लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। ऐसे मामलों में समय पर सूचना और त्वरित रेस्क्यू अभियान से वन्यजीवों की जान बचाई जा सकती है।
विभाग ने ग्रामीणों से की अपील-
संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है, जहां बाघ, तेंदुआ, भालू, हिरण, सांभर सहित अनेक वन्य प्राणी प्राकृतिक आवास में निवास करते हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्र में दिखाई दे या किसी दुर्घटना का शिकार हो जाए तो उसे स्वयं पकडऩे या भगाने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से उसका रेस्क्यू किया जा सके।
