आयकर विभाग ने संदिग्ध विदेशी धन प्रेषण और फर्जी कंपनियों के खिलाफ देशव्यापी जांच शुरू की है, जिसमें चार्टर्ड अकाउंटेंट्स भी रडार पर हैं

नई दिल्ली, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के अनुसार, आयकर विभाग ने पिछले तीन वर्षों के विदेशी रेमिटेंस डेटा और खुफिया इनपुट के आधार पर संदिग्ध लेनदेन के खिलाफ बड़ा देशव्यापी अभियान शुरू किया है। जांच में सामने आया है कि शून्य या कम कारोबार दिखाने वाली शेल कंपनियों और फर्जी चैरिटेबल ट्रस्टों द्वारा भारी-भरकम रकम अवैध रूप से विदेशों में भेजी जा रही थी।

जमीनी जांच और संदिग्ध गतिविधियां

विभाग द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में पाया गया कि कागजों पर दर्ज पतों पर कई कंपनियां अस्तित्व में ही नहीं थीं। इसके अलावा, सॉफ्टवेयर आयात और परामर्श सेवाओं जैसे बताए गए कारणों का वास्तविक वित्तीय प्रोफाइल से कोई मेल नहीं था, और कुछ चुनिंदा समूहों के खातों में ही सारा पैसा जमा हो रहा था।

कर प्रोफेशनल्स और सीए पर शिकंजा

इस कार्रवाई के तहत सीमावर्ती राज्यों सहित कुल 394 संस्थाओं और 36 टैक्स प्रोफेशनल्स को जांच के दायरे में लिया गया है। सीबीडीटी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ‘फॉर्म 15सीबी’ जारी करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को दस्तावेजों और कर योग्यता की गहन जांच में पूरी व्यावसायिक सावधानी बरतनी चाहिए थी।

Next Post

सरकार ने 1 सितंबर 2026 से पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने की नई योजना को मंजूरी दी है, जिससे कंपनियों और जनता को लाभ होगा

Wed Aug 19 , 2026
नई दिल्ली,  देश में साफ और सुरक्षित रसोई ईंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने पाइप के जरिए घरों तक पहुंचने वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने के लिए एक प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है, जो 1 सितंबर 2026 से पूरे देश में […]

You May Like