
बालाघाट, लांजी-किरनापुर क्षेत्र में सड़क कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। विधायक राजकुमार कर्राहे के प्रयासों के बाद रजेगांव-किरनापुर-लांजी-आमगांव मार्ग को फोरलेन हाईवे के रूप में विकसित करने की स्वीकृति मिल गई है। करीब 57.40 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के फोरलेन बनने से क्षेत्र में आवागमन और सड़क सुविधाओं में सुधार की उम्मीद है।
चार प्रमुख क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
फोरलेन हाईवे बनने के बाद रजेगांव, किरनापुर, लांजी और आमगांव क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ यात्रा का समय कम होने और परिवहन व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।
विधायक राजकुमार कर्राहे ने क्षेत्र की सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने और लोगों की आवागमन संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए इस मार्ग के उन्नयन को लेकर प्रयास किए थे। स्वीकृति मिलने के बाद इसे क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा
57.40 किलोमीटर लंबे मार्ग के फोरलेन में विकसित होने से केवल आवागमन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल और यात्री परिवहन आसान होने की उम्मीद है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि लंबे समय से बेहतर और सुरक्षित सड़क सुविधा की जरूरत महसूस की जा रही थी। ऐसे में फोरलेन परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिल सकती है।
अब निर्माण शुरू होने का इंतजार
परियोजना की स्वीकृति के बाद अब लोगों की नजर इसके निर्माण कार्य की शुरुआत और समयबद्ध क्रियान्वयन पर है। यदि योजना निर्धारित समय के अनुसार धरातल पर उतरती है, तो लांजी-किरनापुर क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
