इंदौर: आईडीए द्वारा निर्मित आईएसबीटी का अगले हफ्ते ठेकेदार कंपनी से अनुबंध हो जाएगा. अनुबंध के पहले ठेकेदार कंपनी ने टेंडर शर्त के अनुसार 15 करोड़ रुपए की राशि जमा कर दी है. अब आईडीए और ठेकेदार कंपनी के बीच कब्जा लेने देने और मौके पर मौजूद सभी सम्पत्तियों के साथ बस स्टैंड की संपूर्ण वस्तु की सूची पर सहमति होना बाकी है.
आईडीए ने सौ करोड़ रुपए की लागत से कुमेड़ी में सर्व सुविधायुक्त बस स्टैंड का निर्माण किया है. उक्त बस स्टैंड की बने एक साल से भी ज्यादा हो गया है. यह बात अलग है कि बस स्टैंड को लीज पर लेने के लिए कोई कंपनी खरी नहीं उतर रही थी. पांचवीं बार टेंडर में पुणे की बीवीजी कंपनी ने टेंडर में भाग लिया और वह योग्य पाई गई. आईडीए का शर्त अनुसार बीवीजी कंपनी ने 10 करोड़ बैंक ग्यारंटी एवं 4.95 करोड़ टेंडर राशि जमा कर दी है.
अब आईडीए और बीवीजी कंपनी के अधिकारियों द्वारा कब्जा लेनदेन के पहले आईएसबीटी का मौका निरीक्षण और निर्माण वस्तुओं की सूची बनाई जा रही है. दोनों कार्य स्थल आईएसबीटी पर वस्तुओं की सूची पर सहमति बनने के बाद अगले हफ्ते अनुबंध करेंगे. इसके बाद आईडीए विधिवत कब्जा सौपेंगा. बीवीजी इंडिया पूरे टर्मिनल इकोसिस्टम का एंड-टू-एंड संचालन, रखरखाव और एकीकृत प्रबंधन करेगी. पारंपरिक सुविधा प्रबंधन से आगे बढ़ते हुए कंपनी इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रख्र, यात्री सेवाओं, व्यावसायिक सुविधाओं यूटिलिटीज, पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा, सिक्योरिटी और डिजिटल संचालन की जिम्मेदारी भी व्यापक एकीकृत सुविधा प्रबंधन मॉडल के तहत निभाएगी.
संचालन का व्यापक अनुभव
बीवीजी कंपनी के कार्यकारी निदेशक रूपल सिन्हा ने बताया कि एयरपोर्ट, स्वास्थ्य संस्थानों, औद्योगिक परिसरों, परिवहन नेटवर्क और शहरी परिसंपत्तियों जैसे बड़े और जटिल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के संचालन का व्यापक अनुभव बीवीजी इंडिया के पास है. अपनी बहु-विषयक विशेषज्ञता का इस्तेमाल करते हुए बीवीजी आईएसबीटी कुमेड़ी को परिचालन उत्कृष्टता, स्थिरता और बेहतरीन यात्री अनुभव का एक आदर्श मॉडल बनाएगी।
ये हैं खास व्यवस्था
आईडीए ने 100 करोड़ की लागत से एमआर- 10 कुमेड़ी में 15 एकड़ जमीन पर आईएसबीटी का निर्माण किया है. आईडीए ने पूर्णतः वातानुकूलित भव्य बस स्टैंड बनाया है. बस स्टैंड से एक दिन में 1440 बसों का आवागमन हो सकता है. आईएसबीटी कुमेड़ी में प्रतिदिन लगभग 50,000 से 55,000 यात्रियों एवं आगंतुकों को संभालने की क्षमता है. यह टर्मिनल मध्य प्रदेश को गुजरात, राजस्थान, दिल्ली और पड़ोसी राज्यों से जोड़ने बसों का सेंटर होगा. यहाँ पर बसों के ड्राइवर कंडक्टर के ठहरने से लेकर रेस्त्रां तक की व्यवस्था की गई है. 40 से ज्यादा टर्मिनल और मेट्रो से कनेक्टिविटी तक दी गई है. साथ ही बस स्टेंड पर 38 दुकानें, 16 रेस्टोरेंट की जगह और पहलू मंजिल पर 25 से ज्यादा कंपनियों के ऑफिस संचालित करने की जगह भी है.
आईडीए ने रखी थी निम्न शर्ते
आईडीए ने पांचवी बार के टेंडर में 20 साल की लीज और 5 साल का एक्सटेंशन देने, 10 करोड़ रूपए सिक्युरिटी डिपाजिट, टेंडर में न्यूनतम 4 करोड़ रुपए और उस राशि का 1 प्रतिशत प्रति माह लीज रेंट,आवेदन में 10 लाख रुपए प्रतिभूति राशि जमा करने की शर्त रखी थी. साथ ही टेंडर में एक प्रतिशत लीज रेंट में हर साल 5 प्रतिशत राशि बढ़ोतरी की शर्त भी शामिल है.
बस स्टैंड का संचालन आधुनिक व्यवस्थाओं से होगा
यात्रियों का अनुभव संचालन की पूरी कार्यप्रणाली का सबसे अहम हिस्सा रहेगा। टर्मिनल में मशीनीकृत सफाई व्यवस्था के जरिए साफ-सफाई के उच्च मानक बनाए रखे जाएंगे. वहीं, प्रिवेंटिव और प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस के जरिए बिजली व्यवस्था, एचवीएसी, जलापूर्ति, लिफ्ट, सीवेज ट्रीटमेंट और अन्य यूटिलिटी सेवाओं का संचालन किया जाएगा. टेक्नोलॉजी की मदद से टर्मिनल को स्मार्ट मोबिलिटी डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।.एसेट मैनेजमेंट, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, ऑटोमेटेड पार्किंग, डिजिटल पेमेंट, सीसीटीवी निगरानी, सार्वजनिक सूचना प्रणाली, शिकायत प्रबंधन और रियल-टाइम ऑपरेशनल डैशबोर्ड जैसे एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म बेहतर, पारदर्शी और डेटा आधारित प्रबंधन को बढ़ावा देंगे. साथ ही यात्रियों की सुविधा भी बढ़ाएंगे. टर्मिनल पर सौर ऊर्जा उत्पादन, ऊर्जा-कुशल प्रणालियां, सीवेज जल का पुनर्चक्रण, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, जैविक कचरा प्रसंस्करण, जल संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल लैंडस्केपिंग जैसी व्यवस्था अधिक स्वच्छ, हरित और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल वाला परिवहन केंद्र बनाने में मदद करेंगी
