चार फाटक के पास युवक पर कटर से जानलेवा हमला

 

छिंदवाड़ा। शहर के रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित चार फाटक के पास बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक युवक पर कटर से जानलेवा हमला कर दिया गया। घर लौट रहे युवक को दो युवकों ने रास्ते में रोककर विवाद किया और उसके बाद कटर से ताबड़तोड़ वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार घायल युवक की पहचान अनुराग पिता जय कुमार परतेती (32) निवासी पातालेश्वर, त्रिलोकी नगर के रूप में हुई है। वह देर रात अपना काम खत्म कर घर लौट रहा था। रात करीब 12:30 बजे चार फाटक के पास दो युवकों ने उसे रोक लिया। शुरुआती विवाद के बाद दोनों आरोपियों ने कटर निकालकर उस पर कई वार कर दिए।

हमले में अनुराग के शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आईं। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए, जबकि घायल युवक सड़क पर पड़ा रहा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कुंडीपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई गई। घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। फुटेज के आधार पर दोनों संदिग्ध युवकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही पुलिस घायल युवक और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज कर रही है। फिलहाल हमले की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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आवारा कुत्तों के संबंध में सरकार ने पेश की स्टेटस रिपोर्ट जबलपुर। आवारा कुत्तों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा जारी किये गये निर्देश के बाद की गयी कार्यवाही के संबंध में सरकार के द्वारा हाईकोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट पेश की गयी। हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने प्रस्तुत रिपोर्ट पर 14 अगस्त को सुनवाई के निर्देश जारी किये है। गौरतलब है कि सर्वाेच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों के आंतक को गंभीरता से लेते हुए डॉग बाइट और रेबीज की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकारी और निजी संस्थानों जैसे अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक खेल परिसर, रेलवे स्टेशन शामिल हैं को चिन्हित करते हुए आवारा कुत्तों का टीकाकरण या नसबंदी करने के निर्देश दिये थे। सर्वोच्च न्यायालय ने स्थानीय निकायों को इन जगहों का समय-समय पर निरीक्षण करने निर्देशित किया था, जिससे कुत्ते अपना घर न बना सकें। इसके अलावा जिन कुत्तों को रेबीज है या रेबीज होने का संदेह उन्हें शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिये थे। सर्वोच्च न्यायालय ने देश के सभी हाईकोर्ट को इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करने के निर्देश दिये थे। हाईकोर्ट पूर्व में भोपाल में कुत्ते के द्वारा बच्ची पर हमला किये जाने की घटना को संज्ञान में लेते हुए मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में कर रहा था। इसके आवारा कुत्ते के संबंध में अन्य याचिकाएं भी दायर की गयी थी। युगलपीठ ने पिछली सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित दिशा -निर्देशों का पालन करते हुए नगरीय निकाय तथा गृह विभाग को सार्वजनिक स्थलों में घूमने वाले आवारा कुत्तों का टीकाकरण व नसबंदी करने के निर्देश दिये है। युगलपीठ ने कार्यवाही के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किये थे। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से कार्यवाही संबंधित स्टेटस रिपोर्ट पेश की गयी।

Thu Aug 6 , 2026
  जबलपुर। आवारा कुत्तों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा जारी किये गये निर्देश के बाद की गयी कार्यवाही के संबंध में सरकार के द्वारा हाईकोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट पेश की गयी। हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने प्रस्तुत रिपोर्ट पर […]

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