
जबलपुर। आवारा कुत्तों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा जारी किये गये निर्देश के बाद की गयी कार्यवाही के संबंध में सरकार के द्वारा हाईकोर्ट में स्टेट्स रिपोर्ट पेश की गयी। हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस विवेक रूसिया तथा जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने प्रस्तुत रिपोर्ट पर 14 अगस्त को सुनवाई के निर्देश जारी किये है।
गौरतलब है कि सर्वाेच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों के आंतक को गंभीरता से लेते हुए डॉग बाइट और रेबीज की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने सरकारी और निजी संस्थानों जैसे अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, सार्वजनिक खेल परिसर, रेलवे स्टेशन शामिल हैं को चिन्हित करते हुए आवारा कुत्तों का टीकाकरण या नसबंदी करने के निर्देश दिये थे। सर्वोच्च न्यायालय ने स्थानीय निकायों को इन जगहों का समय-समय पर निरीक्षण करने निर्देशित किया था, जिससे कुत्ते अपना घर न बना सकें। इसके अलावा जिन कुत्तों को रेबीज है या रेबीज होने का संदेह उन्हें शेल्टर होम में रखने के निर्देश दिये थे। सर्वोच्च न्यायालय ने देश के सभी हाईकोर्ट को इस मामले को संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई करने के निर्देश दिये थे।
हाईकोर्ट पूर्व में भोपाल में कुत्ते के द्वारा बच्ची पर हमला किये जाने की घटना को संज्ञान में लेते हुए मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में कर रहा था। इसके आवारा कुत्ते के संबंध में अन्य याचिकाएं भी दायर की गयी थी। युगलपीठ ने पिछली सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित दिशा -निर्देशों का पालन करते हुए नगरीय निकाय तथा गृह विभाग को सार्वजनिक स्थलों में घूमने वाले आवारा कुत्तों का टीकाकरण व नसबंदी करने के निर्देश दिये है। युगलपीठ ने कार्यवाही के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किये थे। याचिका पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से कार्यवाही संबंधित स्टेटस रिपोर्ट पेश की गयी।
