मुंबई, 06 अगस्त (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के अपर लेयर की सूची जारी कर दी जिसमें टाटा संस समेत 19 कंपनियां शामिल हैं। टाटा संस ने एनबीएफसी के रूप में अपना पंजीकरण समाप्त करने के लिए रिजर्व बैंक के पास आवेदन किया हुआ है। केंद्रीय बैंक ने इस सूची में उसके शामिल होने पर जारी आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि टाटा संस को सूची में शामिल करने के पीछे कोई पूर्वाग्रह नहीं है। उसका आवेदन अभी विचाराधीन है और फिलहाल कंपनी इस सूची में शामिल है।
केंद्रीय बैंक ने एनबीएफसी को चार श्रेणियों में बांटा है – बेस लेयर, मिडिल लेयर, अपर लेयर और टॉप लेयर। एनबीएफसी के आकार और संवेदनशीलता के आधार पर उन्हें क्रमशः ऊपर की सूची में शामिल किया जाता है। इसका मतलब यह हुआ कि वे बाजार पर ज्यादा प्रभाव डालने में सक्षम हैं। फिलहाल कोई भी एनबीएफसी टॉप लेयर की पात्रता को पूरा नहीं करती है।
अपर लेयर की सूची में आरईसी लिमिटेड, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन, इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन, बजाज फाइनेंस लिमिटेड, श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस, चोलामंडलम् इनवेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी, टाटा कैपिटल, टाट संस, मुथूट फाइनेंस, आदित्य बिरला कैपिटल, हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, एलएंडटी फाइनेंस लिमिटेड, बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज और पिरामल फाइनेंस शामिल हैं। इनके अलावा, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस और सम्मान कैपिटल को भी इस सूची में विशेष जगह दी गयी है। ये दोनों कंपनियां इस बार पात्रता की शर्तें पूरी करने में विफल रही हैं, लेकिन पिछली सूची (2024-25) में पात्रता की शर्तें पूरी कर रही थीं।

