
भोपाल। राजधानी में जहां एक ओर गर्मी लगातार अपने तेवर दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर शहर में बिजली कटौती की समस्या भी बढ़ती जा रही है. हालात ऐसे हैं कि मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली बंद की जा रही है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है. इसी बीच आज 1 अप्रैल से बिजली दरों में बढ़ोतरी भी लागू हो गई है, जिससे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ा है. औसतन 200 यूनिट मासिक खपत पर करीब 80 रुपए तक अधिक भुगतान करना होगा, वहीं ऊर्जा प्रभार में 26 पैसे की वृद्धि के साथ फिक्स चार्ज भी बढ़ाया गया है.
हालांकि मेंटेनेंस का कार्य सामान्यतः मानसून से पहले और दिवाली के आसपास किया जाता है, लेकिन वर्तमान में लगातार हो रही कटौती लोगों की परेशानी बढ़ा रही है. इसका असर खासतौर पर छोटे व्यापारियों, अस्पतालों और अन्य सेवाओं पर देखने को मिल रहा है शहर में बड़ी संख्या में पैथोलॉजी लैब, नर्सिंग होम, बैंक, वर्कशॉप, चाय की दुकानें, फोटो कॉपी सेंटर, लघु एवं कुटीर उद्योग इस समस्या से प्रभावित हो रहे हैं. कई व्यापारियों ने जनरेटर और इनवर्टर की व्यवस्था तो की है, लेकिन बार-बार की कटौती से कामकाज प्रभावित हो रहा है.
उधर, बिजली वितरण कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 850 करोड़ रुपए खर्च कर शहर की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने का दावा किया है. इसके तहत ओवरहेड लाइनों को केबल में बदला गया, लगभग 700 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए, साथ ही स्मार्ट मीटरिंग और सब-स्टेशनों का उन्नयन किया गया, ताकि बिजली आपूर्ति सुचारु बनी रहे और चोरी पर रोक लग सके.
इनका कहना है
नियम से यह कार्य होता है. गर्मी के समय और दिवाली पर समर मेंटेनेंस होता है. वर्तमान मेें परीक्षाएं खत्म हो गई हैं. मेंटेंनेेस का कार्य जब से बिजली घर बना है तब से होता रहा है. वर्तमान में यह कार्य 15 से 20 अप्रैल तक जारी रहेगा.
प्रदीप सिंह चौहान, शहर विद्युत प्रभारी भोपाल
