भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की महत्वपूर्ण बैठक 11 अगस्त को भोपाल में आयोजित होगी। बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित पीएसी के वरिष्ठ सदस्य शामिल होकर संगठन की आगामी रणनीति और विपक्ष की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर मंथन करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने गुरुवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि जिला कांग्रेस अध्यक्षों, जिला प्रभारियों तथा विधानसभा क्षेत्र प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की स्थानीय जनसमस्याओं की पहचान कर उन्हें संगठन के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के मुद्दों के साथ-साथ गांव, कस्बों और शहरों की जमीनी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाएगी।
मुकेश नायक ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को राजनीतिक नियंत्रण में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों, सहकारी बैंकों, मंडी समितियों तथा स्वायत्त संस्थाओं की स्वायत्तता प्रभावित हुई है। उनका आरोप था कि सहकारिता कानूनों में किए गए संशोधनों से सहकारी बैंकों में निर्वाचित व्यवस्था कमजोर हुई है।उन्होंने कृषि उपज मंडियों में भ्रष्टाचार, किसानों को उपज बेचने के लिए कई दिनों तक इंतजार करने की मजबूरी तथा मूलभूत सुविधाओं के अभाव का भी आरोप लगाया। साथ ही नगरीय निकायों में पेयजल प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं में भ्रष्टाचार का दावा किया।
मुकेश नायक ने कांग्रेस नेताओं, विशेषकर जीतू पटवारी, के खिलाफ पुलिस और प्रशासन के माध्यम से राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस से निष्पक्ष कार्यवाही की अपेक्षा जताई। उन्होंने भोपाल के नए मास्टर प्लान में हो रही देरी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे शहरी विकास और प्रशासनिक कार्यों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि पीएसी बैठक में प्रदेशभर में संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनआंदोलनों की आगामी रूपरेखा भी तय की जाएगी
