
इंदौर. शहर के खंडवा रोड पर ग्राम मोरोद में कृषि मंडी का निर्माण स्वयं कृषि विभाग द्वारा किया जाएगा. एमआर 10 स्थित आईएसबीटी के टेंडर की स्वीकृति और विभिन्न योजनाओं में कई तरह के उपयोग के प्लॉटों की न्यूनतम दरें तय की गई, जिन्हें बेचने की कारवाई आगे बढ़ाई जा सकेगी.
शुक्रवार को आईडीए की बोर्ड बैठक कार्यालय सभागृह में हुई. बैठक शहर की विभिन्न योजनाओं में अलग अलग उपयोग के करीब 75 से ज्यादा भूखंडो की न्यूनतम दरें तय की गई. इसके बाद आईडीए द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित आवासीय, औद्योगिक, व्यवसायिक, शिक्षा, कारपोरेट हाउस निर्माण के प्लाटों को बेचने के टेंडर जारी करेगा. बैठक में तुलसी नगर पुलिया से योजना 134 में वसुंधरा कॉम्पलेक्स के सामने तक मास्टर प्लान की 30 मीटर चौड़ी सड़क 4 के स्थान पर 6 लेन करने की ओर बड़ी राशि 70 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई. बोर्ड बैठक में सबसे अहम कुमेडी स्थित आईएसबीटी के संचालन और रखरखाव मेसर्स बी.वी.जी. इंडिया लिमिटेड, पुणे का टेंडर स्वीकृत किया गया. इससे आईएसबीटी संचालन का रास्ता साफ हो गया और आईडीए के प्रति माह खर्च हो रहे लाखों रुपए बचना शुरू हो जाएंगे. साथ ही आईडीए के विभिन्न उपयोग के प्लाटों का विकास करने के लिए 60 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई. आईडीए के प्लाटों पर पीपीपी मॉडल पर निर्माण करें के लिए सलाहकार एवं सह लेनदेन सलाहकार नियुक्त किया जाएगा.
बैठक में एक अन्य अहम बिंदु पर निर्णय लिया गया है, जिसमें ग्राम मोरोद नेहरू तहसील बिचौली हप्सी की शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 372/1 (एस) रकबा 125.2210 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित मंडी का निर्माण एवं विकास, मण्डी विभाग द्वारा स्वयं करने के पत्र पर सहमति दी गई. बैठक में संभागायुक्त और आईडीए सह अध्यक्ष डॉ. सुदामा खाड़े,निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, आयुक्त, पीडब्ल्यूडी चीफ इंजीनियर योगेन्द्र कुमार, चीफ इंजीनियर एमपीईबी राजेश चन्द्र जैन, टीएनसीपी संयुक्त संचालक शुभाशीष बेनर्जी, अधीक्षण यंत्री पीएचई सुनील कुमार उदिया, एडीएम रोशन राय, वन विभाग से अमित सोलंकी एवं आईडीए सीईओ डॉ. परिक्षित झाड़े उपस्थित थे.
इन बिंदुओं पर भी दी स्वीकृति
इसके अलावा उज्जैन-इन्दौर मेट्रोपॉलिटन रीजन प्लान (आईएमआर) के बढ़े क्षेत्रफल का कंसल्टेंट को भुगतान और एमपीईबी को योजना 97 भाग-4 रेती मण्डी के पास विद्युत ग्रीड निर्माण की आवंटित 1.0 हेक्टेयर जमीन के स्थान पर अतिरिक्त मांग का स्वीकृत करते हुए 1.6 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने पर स्वीकृति प्रदान की गई.
