सरई : जिले के सरई नगर परिषद अंतर्गत कोनी गांव में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब असम से अपने दादा के घर घूमने आए 17 वर्षीय किशोर की सर्पदंश से दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। वहीं, संकट की इस घड़ी में समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए मृतक के पार्थिव शरीर को अपने निजी वाहन से असम भिजवाने की व्यवस्था कर पीड़ि़त परिवार का संबल बने।
कोनी निवासी रामू बसोर के परिवार के कुछ सदस्य असम के सोनितपुर में निवास करते हैं। उनका 17 वर्षीय नाती विक्रम बसोर कुछ दिन पूर्व अपने दादा के यहाँ कोनी घूमने आया था। मंगलवार की देर रात लगभग 12 बजे उसे विषैले सर्प ने डस लिया। परिजन तत्काल उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। किशोर की असामयिक मृत्यु के बाद परिजनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसके पार्थिव शरीर को हजारों किलोमीटर दूर असम स्थित पैतृक निवास तक पहुंचाने की थी।
आर्थिक एवं संसाधनों की कठिनाई के बीच उन्होंने समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी से सहायता की गुहार लगाई। जिसके बाद समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी ने तत्परता दिखाते हुए पूरे मामले से सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा को अवगत कराया। जानकारी मिलते ही सांसद डॉ. मिश्रा ने उनसे संपर्क कर शव को असम पहुंचाने में आने वाले खर्च की जानकारी ली। प्रशासनिक पहल के बाद रेडक्रॉस सोसाइटी से 20 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत हुई, जबकि शेष खर्च समाजसेवी प्रेम सिंह भाटी स्वयं वहन कर रहे हैं।
