बांग्लादेशी क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर पेट्रोल-बम से हमला, पत्थरबाजी और आग लगाने की कोशिश से हड़कंप

ढाका, बांग्लादेशी ऑलराउंडर शाकिब अल हसन के मगुरा स्थित घर पर उपद्रवियों ने हमला कर तोड़फोड़ और आगजनी की कोशिश की। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई है।

बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर शाकिब अल हसन के घर पर बुधवार शाम हमला हुआ। ये घटना बांग्लादेश के मगुरा जिले में स्थित उनके घर पर हुई, जहां कुछ अज्ञात लोगों ने पत्थरबाजी की, खिड़कियां तोड़ दीं और घर में आग लगाने की कोशिश की। ये हमला उस समय हुआ जब कुछ घंटे पहले ही शाकिब ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था।

पुलिस के मुताबिक ये घटना स्थानीय समयानुसार रात करीब 8:45 बजे हुई। हमलावरों ने घर पर ईंट-पत्थर फेंके, जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए। इसके बाद उन्होंने घर में आग लगाने की कोशिश की। घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

पटाखों जैसी आवाजें सुनाई दी गई
स्थानीय लोगों ने बताया कि हमले के दौरान धमाके जैसी आवाजें सुनाई दीं, जिन्हें पटाखों जैसी आवाज बताया गया। स्थानीय मीडिया ने दावा किया कि घर पर पेट्रोल बम भी फेंके गए, हालांकि पुलिस ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की ओर से जारी एक वीडियो में भी शाकिब के घर के बाहर पटाखों जैसी आवाजें सुनाई दे रही हैं।

मगुरा सदर पुलिस स्टेशन के प्रभारी अब्दुल्ला अल मामुन ने द डेली स्टार से कहा कि कुछ अज्ञात लोगों ने घर पर ईंट-पत्थर फेंके, खिड़कियां तोड़ीं और आग लगाने की कोशिश की। घटना के बाद पुलिस बल को शाकिब के घर के बाहर तैनात कर दिया गया। फिलहाल हमलावरों की पहचान और हमले के कारण का पता नहीं चल पाया है।

मीडिया कार्यक्रम के बाद हुआ हमला
ये हमला उस मीडिया कार्यक्रम के कुछ घंटे बाद हुआ, जिसमें शेख हसीना ने नई दिल्ली से वर्चुअल रूप से संबोधित किया था। इस कार्यक्रम का आयोजन फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया ने किया था। अपने संबोधन में शेख हसीना ने जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन पर अपनी सरकार के रुख का बचाव किया और कहा कि छात्र आंदोलन अचानक नहीं था, बल्कि सत्ता परिवर्तन की एक सुनियोजित साजिश थी।

बांग्लादेश में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP), जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेताओं ने इस कार्यक्रम का विरोध किया था और मीडिया संस्थानों से हसीना का संबोधन प्रसारित न करने की अपील की थी।

क्या प्रेस कॉन्फ्रेंस है हमले की वजह?
अवामी लीग के नेताओं और समर्थकों का आरोप है कि शाकिब के घर पर हुआ हमला उनकी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूदगी से जुड़ा है। हालांकि बांग्लादेशी अधिकारियों ने अभी तक इस हमले और प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं की है और पुलिस ने भी किसी आरोपी की पहचान नहीं की है।

शाकिब अल हसन बांग्लादेश के सबसे महान ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं, लेकिन अवामी लीग से उनके राजनीतिक संबंधों की वजह से वो लंबे समय से विवादों में भी रहे हैं। वो 2024 के आम चुनाव में अवामी लीग के टिकट पर मगुरा-1 सीट से सांसद चुने गए थे। विपक्षी दलों ने उस चुनाव को निष्पक्ष नहीं माना था। अगस्त 2024 में सत्ता परिवर्तन के बाद अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

क्या बोली शेख हसीना?
अपने संबोधन में शेख हसीना ने अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग की और कहा कि वो तमाम कानूनी चुनौतियों के बावजूद बांग्लादेश लौटेंगी।शाकिब ने अगस्त 2024 में सरकार बदलने के बाद से अब तक बांग्लादेश वापसी नहीं की है। राजनीतिक बदलाव के बाद उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें हत्या का मामला भी शामिल है। शाकिब का कहना है कि अगर उन्हें व्यक्तिगत सुरक्षा और निष्पक्ष व्यवहार का भरोसा दिया जाए तो वो बांग्लादेश लौटकर कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं।

फिलहाल शाकिब अपने परिवार के साथ अमेरिका में रह रहे हैं और लगातार फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेल रहे हैं। वो कैरेबियन प्रीमियर लीग (CPL) और लंका प्रीमियर लीग (LPL) जैसे टूर्नामेंट में खेल चुके हैं। वहीं, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड पहले भी कह चुका है कि राष्ट्रीय टीम के दरवाजे शाकिब के लिए अब भी खुले हैं।

 

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