रायपुर, 06 अगस्त (वार्ता) छत्तीसगढ़ के रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी में कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के क्षेत्राधिकार के पुनर्गठन, रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती और पुलिस संसाधनों के विस्तार की मांग की है।
श्री अग्रवाल ने बुधवार देर शाम जारी किए अपने पत्र में कहा है कि कमिश्नरेट व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य कानून-व्यवस्था को अधिक त्वरित और प्रभावी बनाना था, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों की संख्या बढ़ने के बावजूद आरक्षक, प्रधान आरक्षक, उपनिरीक्षक तथा अन्य अधीनस्थ पुलिस बल की कमी के कारण अपेक्षित परिणाम हासिल करने में कठिनाइयां आ रही हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि रायपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय भी पर्याप्त पुलिस बल के अभाव से जूझ रहा है।
सांसद ने सुझाव दिया है कि रायपुर नगर निगम के अंतर्गत आने वाले पूर्णतः शहरी क्षेत्रों को कमिश्नरेट के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया जाए। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के महात्मा गांधी वार्ड (क्र.-8), मोतीलाल नेहरू वार्ड के विभिन्न भाग, अमर सिंह बस्ती, स्वर्णभूमि कॉलोनी, शिवाजी पार्क, राजधानी विहार, पीएम आवास योजना के मकान, सत्यम नगर, कचना तथा बाबू जगजीवन राम वार्ड (क्र.-53) के डूमरतराई क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि ये वर्तमान में ग्रामीण पुलिस के अधीन हैं।
उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि स्वामी विवेकानंद विमानतल (माना एयरपोर्ट), जो राजधानी में वीवीआईपी आवागमन का प्रमुख केंद्र है, अभी थाना माना (ग्रामीण) के अंतर्गत आता है। इसके कारण कमिश्नरेट और ग्रामीण पुलिस दोनों को अलग-अलग बल लगाना पड़ता है, जिससे कार्य का दोहराव होता है। सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र के दोनों इकाइयों में विभाजित होने से औद्योगिक विवादों के समाधान में समन्वय संबंधी कठिनाइयों का भी उन्होंने उल्लेख किया। अग्रवाल ने इन क्षेत्रों को कमिश्नरेट में शामिल करने तथा भविष्य में चरणबद्ध तरीके से पूरे रायपुर जिले को कमिश्नरेट प्रणाली के अंतर्गत लाने का सुझाव दिया है।
सांसद ने पुलिस बल में रिक्त पदों का हवाला देते हुए कहा कि संयुक्त रक्षित केंद्र में वर्तमान में लगभग 660 पद रिक्त हैं। इनमें 522 आरक्षक, 43 प्रधान आरक्षक, 82 उपनिरीक्षक, 9 सहायक उपनिरीक्षक तथा 4 सूबेदार के पद शामिल हैं। उन्होंने इन रिक्तियों को शीघ्र भरने की मांग की है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2016 में 15 लाख की आबादी वाले रायपुर की जनसंख्या 2025-26 तक 25 लाख से अधिक हो चुकी है और वाहनों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जबकि यातायात शाखा में मात्र 46 पुलिसकर्मी कार्यरत हैं। उन्होंने तात्कालिक व्यवस्था के रूप में अन्य जिलों से 500 पुलिसकर्मियों की अस्थायी तैनाती करने तथा रिक्त पदों पर जल्द स्थायी भर्ती पूरी करने का आग्रह किया है।
पत्र में उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कमिश्नरेट व्यवस्था के तहत अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, 5 पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) तथा 18 सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के पद स्वीकृत होने के बावजूद उनके लिए स्थायी कार्यालय भवन और पर्याप्त शासकीय वाहन उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं थानों के लिए नए कार्यालय भवनों के निर्माण तथा मानकों के अनुरूप वाहन उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया है कि राज्य सरकार राजधानी रायपुर की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए उनके सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेगी।
