इंदौर: भागीरथपुरा कांड में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने न्यायिक जांच के मांग की है. उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के सबके चहेते ठेकेदार होने से क्षेत्र में पाइप लाइन नहीं डाली जा सकी है. मुख्यमंत्री से जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने की हिम्मत दिखाने का कहा है.पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय आज भागीरथपुरा में दूषित पानी को लेकर हमलावर तेवर में नजर आए। उन्होंने कहा कि इंदौर में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी की नहीं सुनना है. आप अपने हिसाब से काम करो. दूसरा भाजपा नेताओं का अधिकारी नहीं सुन रहे.
क्यों नहीं सुन रहे? मुख्यमंत्री ने मना किया, इसलिए नहीं सुन रहे हैं. तीसरा भाजपा नेताओं के सबके अलग चहेते ठेकेदार है और इस कारण से भागीरथपुरा में टेंडर होने के बाद पाइप लाइन नहीं डाली गई. दिग्विजयसिंह ने कहा कि दूषित पानी से 23 लोगों की मौत हुई है. हमारी मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव से मांग है कि न्यायधीश की अध्यक्षता में भागीरथपुरा घटना की जांच करवाए, जिसमें जनता की सुनवाई करते हुए जिम्मेदारों पर कारवाई हो. जांच में पार्षद, महापौर परिषद और महापौर जिम्मेदार है तो उनका इस्तीफा होना चाहिए. अधिकारी दोषी है तो उनको दंडित किया जाना चाहिए. मेरा मुख्यमंत्री से कहना है कि वे न्यायिक जांच करने की हिम्मत दिखाएं.
