
बड़वानी, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए जिले में चलाया जा रहा सत्यापन अभियान अंतिम चरण में पहुंचकर भी अधूरा है। संपर्क एप और अनमोल पोर्टल के अनुसार जनवरी से 3 अगस्त तक चिन्हित 19387 हितग्राहियों में से 18430 महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि 957 प्रकरण अब भी लंबित हैं। इनमें 519 गर्भवती और 438 धात्री महिलाएं शामिल हैं। लंबित सत्यापन के कारण अनेक पात्र हितग्राहियों के नाम पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पा रहे, जिससे प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना सहित पोषण, स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलने में विलंब हो रहा है। शासन ने सभी प्रकरणों का शतप्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। दूसरी ओर महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश में सत्यापन के मामले में प्रथम स्थान मिलने का दावा कर रहा है, लेकिन अधूरे सत्यापन और दस्तावेजी कमियों के कारण चुनौती बनी हुई है। विभाग का कहना है कि मैदानी अमले को अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं हितग्राहियों से भी आधार, समग्र और बैंक संबंधी जानकारी समय पर अद्यतन कराने की अपील की जा रही है।
शासन के लगातार निर्देशों के बावजूद अभियान अभी लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका है। विभागीय समीक्षा में सामने आया कि कई क्षेत्रों में मैदानी स्तर पर सत्यापन की गति अपेक्षित नहीं रही। इसी कारण 957 प्रकरण लंबित हैं। प्रशासन ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और संबंधित अधिकारियों को घर-घर पहुंचकर शेष हितग्राहियों का सत्यापन शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा भी की जा रही है ताकि कोई पात्र महिला योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार अनेक हितग्राहियों के आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं हैं। कई मामलों में समग्र आईडी का सत्यापन अधूरा है, जबकि कुछ दस्तावेजों में तकनीकी त्रुटियां भी मिली हैं। इन कारणों से अनमोल पोर्टल पर जानकारी अपडेट नहीं हो पा रही। विभाग का कहना है कि दस्तावेज समय पर संशोधित होने पर सत्यापन प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा सकती है। इसके लिए हितग्राहियों को आवश्यक दस्तावेज तत्काल दुरुस्त कराने की सलाह दी गई है।
सत्यापन और दस्तावेज संबंधी समस्याओं का असर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना पर भी दिखाई दे रहा है। योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं को दो किश्तों में 5 हजार रुपये दिए जाते हैं। जिला अस्पताल पहुंची सुनीता ने बताया कि आधार सत्यापन के बाद अब बैंक खाते में डीबीटी संबंधी समस्या बताई जा रही है, इसलिए राशि नहीं मिली। प्रसव निकट होने से उन्हें चिंता है। वहीं रजनी ने भी प्रोत्साहन राशि लंबित होने की शिकायत दर्ज कराई।
सत्यापन अभियान में जिला प्रदेश में स्थान पर
गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के सत्यापन में तेजी लाई गई है। स्वास्थ्य शिविरों में भी सत्यापन कराया जा रहा है। मैदानी अमले को शेष प्रकरण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन अभियान में जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
रतन सिंह गुंडिया जिला कार्यक्रम अधिकारी बड़वानी
