रायपुर, 05 अगस्त (वार्ता) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को वन महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए नया रायपुर में अपनी मां के नाम पर पीपल का पौधा लगाकर राज्यव्यापी ‘पीपल फॉर पीपुल’ अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में 2500 से अधिक पीपल के पौधे लगाए गए।
श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। भारतीय संस्कृति में पीपल को आस्था, आध्यात्मिक चेतना और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक माना गया है तथा यह जैव विविधता संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुआ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सात करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जा चुका है, जबकि इस वर्ष ढाई करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नागरिकों से अपने घर, खेत, विद्यालय, कार्यस्थल अथवा अन्य उपलब्ध स्थानों पर अपनी मां के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने की अपील की।
श्री साय ने जलवायु परिवर्तन की चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि बढ़ते तापमान और प्रदूषण से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। उन्होंने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रतिदिन एक पौधा लगाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘पीपल फॉर पीपुल’ अभियान हरित, स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में लगभग साढ़े सात करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराने के साथ एक पौधा लगाने की भी अपील की।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी, खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, वन विकास निगम के अध्यक्ष रामसेवक पैकरा, अपर मुख्य सचिव (वन एवं जलवायु परिवर्तन) मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अरुण कुमार पाण्डेय सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
