नयी दिल्ली, 03 मार्च (वार्ता) केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा है कि वन्यजीवों का संरक्षण न केवल पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक साझा जिम्मेदारी है और उसकी रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों के लगातार प्रयासों की जरूरत है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने आज बताया कि श्री यादव ने विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर एक संदेश जारी कर इसे पृथ्वी की अद्भुत जैव विविधता का उत्सव बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वन्यजीवों का संरक्षण न केवल पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक साझा जिम्मेदारी भी है जिसके लिए पृथ्वी की प्राकृतिक विरासत की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों के लगातार प्रयासों की जरूरत है।
श्री यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में इस बात पर बल दिया कि भारत अपने समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डालने वाले कई खतरों के प्रति सचेत है। उन्होंने कहा, “इसलिए हम न केवल अपने पास मौजूद संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली के लिए महत्वपूर्ण प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने कहा कि विश्व वन्यजीव दिवस हर साल तीन मार्च को वन्य जीवों और पौधों के पर्व के रुप में मनाया जाता है। हर साल, हम लोगों और ग्रह के लिये वन्यजीवों की अनूठी भूमिकाओं और योगदानों की पहचान करते हैं। यह दिवस वन्य जीवों और पौधों के महत्व को उजागर करता है और पारिस्थितिकी संतुलन तथा मानव कल्याण के लिये जैव विविधता के संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी पर बल देता है।
