अंकारा, 05 अगस्त (वार्ता) तुर्की सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के साथ शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बुधवार को संसद में एक विधेयक पेश किया। इसमें पूर्व आतंकवादियों के पुनर्वास को सुगम बनाने और जनजीवन में लौटने वाले लोगों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने का प्रावधान शामिल है।
‘राष्ट्रीय एकजुटता और सामाजिक एकीकरण कानून’ का यह प्रस्ताव तुर्की सरकार की उस ऐतिहासिक पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य 1984 से चले आ रहे उस दशकों पुराने आतंकवाद को समाप्त करना है जिसने 40,000 से अधिक लोगों की जान ली है।
“आतंकवाद मुक्त तुर्की” पहल के तहत तैयार इस विधेयक का उद्देश्य उत्तरी इराक में स्थित पीकेके के ठिकानों से हजारों सदस्यों और नागरिकों की वापसी के लिए एक कानूनी ढांचा तैयार करना है। संसद में बहुमत के समर्थन वाले इस विधेयक के इस सप्ताह के अंत तक पारित होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित कानून के तहत, गंभीर अपराधों में शामिल नहीं रहे पीकेके सदस्यों को कानूनी सुरक्षा दी जाएगी। समूह के निःशस्त्रीकरण और विघटन की पुष्टि के बाद कुछ जांचों और मुकदमों को स्थगित करने और सजा को निलंबित करने का प्रावधान है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद यह सत्यापित करेगी कि पीकेके ने अपनी सशस्त्र गतिविधियों को समाप्त कर दिया है और हथियार सौंप दिए हैं। हालांकि, गंभीर अपराधों में शामिल वरिष्ठ पीकेके नेताओं और 1999 से जेल में बंद पीकेके के संस्थापक अब्दुल्ला ओजलान को इस कानूनी सुरक्षा से बाहर रखा गया है।
राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन की जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी के प्रवक्ता उमर सेलिक ने इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि यह विधेयक “आतंकवाद मुक्त तुर्की” बनाने की दो साल की प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
