नागपुर, 05 अगस्त (वार्ता) महाराष्ट्र में नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) एवं इंदिरा गांधी गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (आईजीजीएमसीएच) के रेजिडेंट डॉक्टरों ने राज्य सरकार के साथ लंबे समय से अपनी लंबित मांगों को लेकर बातचीत के बेनतीजा रहने के बाद बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिससे अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
डॉक्टरों ने सेंट्रल महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) के बैनर लेकर अस्पताल के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) के बाहर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई दौर की बातचीत के बावजूद सरकार उनकी जायज मांगों को पूरा करने में नाकाम रही है।
जानकारी के मुताबिक रेजिडेंट डॉक्टरों ने राज्य सरकार से यह मांग की हैं कि बीएचएमएस-सीसीएमपी रजिस्ट्रेशन फिलहाल रोक दिया जाये और इसके साथ ही लंबे समय से लंबित रेजिडेंट डॉक्टरों से जुड़े कई पुराने मुद्दों का भी जल्द से समाधान किया जाये। हड़ताल कर रहे डॉक्टरों ने कहा है कि आंदोलन शुरू करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचा था। उन्होंने यह चेतावनी देते हुये कहा, “अगर सरकार अगले 24 घंटों के भीतर सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देती है, तो विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जायेगा।”
उन्होंने बताया कि आपातकालीन सेवाएं जारी हैं, लेकिन ओपीडी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पताल में आने वाले सैकड़ों मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने यह भी चेतावनी दी कि अगर गतिरोध बना रहता है, तो वे अन्य चिकित्सा सेवाओं को भी रोकने के लिये मजबूर हो सकते हैं, और मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की बाधा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराएंगे।
आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने महाराष्ट्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने और गतिरोध को खत्म करके अस्पताल में सामान्य स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की अपील की।
