भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के दौरान भाजपा की छवि प्रभावित करने और मतदाताओं के बीच भ्रम फैलाने के उद्देश्य से प्रदेश अध्यक्ष के नाम से फर्जी निष्कासन आदेश सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में दतिया भाजपा के मीडिया प्रभारी शादाब, नगर उपाध्यक्ष शाहरूख और भाजपा कार्यकर्ता क्रिश रावत शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि आरोपितों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नाम और हस्ताक्षर का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी पत्र तैयार किया। इस पत्र में दतिया भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को पद से हटाने और पार्टी से निष्कासित करने का कथित आदेश दर्शाया गया था। इसके बाद मतदान के दिन इस पत्र को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित किया गया।
तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर तीनों की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक वायरल दस्तावेज में न तो कोई आधिकारिक क्रमांक था और न ही दिनांक, जिससे इसकी सत्यता शुरू से ही संदिग्ध थी। पूछताछ के बाद तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर सोमवार को गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने और उसे वायरल करने की साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। मामले में आरोपितों के डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
मतदान के दिन वायरल हुआ था फर्जी आदेश
दतिया विधानसभा उपचुनाव के मतदान वाले दिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के लेटरहेड पर तैयार एक कथित आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पत्र में जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित किए जाने का दावा किया गया था। रघुवीर कुशवाहा ने इसे पूरी तरह फर्जी बताते हुए चुनाव के दौरान भ्रम फैलाने की साजिश करार दिया था। भाजपा ने भी आधिकारिक रूप से इस पत्र का खंडन किया था। शिकायत मिलने के बाद भोपाल क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की, जिसके बाद तीन आरोपितों की गिरफ्तारी हुई।
