
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर में स्थापित हो रहा देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) मध्यप्रदेश को दूरसंचार विनिर्माण का नया केंद्र बनाएगा। मुंबई में आयोजित निवेशक राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उद्योगपतियों को प्रदेश में निवेश का आमंत्रण देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है। ग्वालियर TMZ के लिए एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स, अनंत सिस्टम्स, स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज, वीएनटी और टेसकॉम सहित कंपनियों ने कुल 1,550 करोड़ रुपये के संभावित निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे 3,600 से अधिक रोजगार सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सस्ती बिजली, कुशल श्रमिक, बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश अनुकूल नीतियों के कारण उद्योगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में हुई पहली निवेशक बैठक से 3,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनसे 12 हजार रोजगार मिलने की संभावना है।
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर TMZ में निवेशकों को प्लग एंड प्ले सुविधा, 2 रुपये प्रति यूनिट बिजली, 5,000 रुपये प्रति कर्मचारी वेतन सहायता और 13 हजार रुपये तक प्रशिक्षण सब्सिडी मिलेगी। प्रथम चरण में 170 एकड़ भूमि विकसित की जा रही है और अब तक 17 कंपनियां निवेश में रुचि दिखा चुकी हैं।
केंद्रीय दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने इसे देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन बताते हुए कहा कि इससे भारत के दूरसंचार उपकरण निर्माण, नवाचार और रोजगार को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य ग्वालियर को वैश्विक स्तर का टेलीकॉम विनिर्माण हब बनाना है।
