तेहरान, 04 अगस्त (वार्ता) ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उसकी समुद्री सीमा में नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में उसकी अनुमति के बिना बनाये गये समुद्री मार्ग का उपयोग करता है, तो ईरानी सेना अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाएगी।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रज़ाई ने सोमवार को सरकारी टेलीविजन से बातचीत में कहा कि ईरान किसी भी परिस्थिति में होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा स्वीकृत मार्ग के अलावा किसी अन्य समुद्री मार्ग को संचालित नहीं होने देगा।
उन्होंने कहा, “ यदि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में अवैध मार्ग से अपने युद्धपोत भेजता है, तो हम उन्हें निशाना बनाएंगे।”
अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत लागू युद्धविराम पिछले महीने टूटने के बाद अमेरिका ने क्षेत्र में फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लागू कर दी थी।
अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार नाकेबंदी लागू होने के बाद अमेरिकी बलों ने 44 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदला, दो जहाजों पर चढ़कर तलाशी ली और दो अन्य को निष्क्रिय कर दिया।
श्री रज़ाई ने अमेरिका पर समझौता ज्ञापन के विवाद निपटान तंत्र का सहारा लिए बिना सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू कर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका को जून में हुए समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन शुरू करना चाहिए, जिसमें ईरान की रोकी गयी धनराशि लौटाना, औपचारिक रूप से यह घोषणा करना कि वह ईरान के साथ युद्ध की स्थिति में नहीं है तथा होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा का माहौल समाप्त करना शामिल है।
उन्होंने कहा, “ उन्हें सबसे पहले हमारी धनराशि लौटानी चाहिए, यह घोषित करना चाहिए कि वे ईरान के साथ युद्ध में नहीं हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा पैदा करना बंद करना चाहिए। हमें अपनी व्यवस्था के तहत वैश्विक व्यापार को पहले से भी बेहतर ढंग से संचालित करने में सहयोग करने दें।”
श्री रज़ाई ने कहा कि यदि ट्रंप प्रशासन समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन दोबारा शुरू करता है, तो ईरान इसे अमेरिका के व्यवहार में बदलाव का संकेत मानेगा।
