
जबलपुर। भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिवाला सिंह ने जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है। उनकी तरफ से दायर जमानत याचिका में उम्र तथा स्वास्थ्य के अलावा प्रकरण में उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं होने के हवाला दिया गया है।
गौरतलब है कि भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरीवाला सिंह की बहू ट्विसा शर्मा ने 12 मई को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने गिरीवाला तथा उसके बेटे के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। पूर्व न्यायाधीश को प्रकरण में अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया था। अग्रिम जमानत मिलने के खिलाफ हाईकोर्ट ने याचिका दायर की थी।इसके अलावा मृतिका को दुबारा पोस्टमार्टम करवाने जाने की मांग करते हुए भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी। हाई कोर्ट ने दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज की टीम से दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिये थे। हाईकोर्ट ने पूर्व न्यायाधिष को मिली अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया था। सरकार के द्वारा प्रकरण की जांच सीबीआई को सौंप दी गयी थी।
सीबीआई के द्वारा पूर्व जिला व सत्र न्यायाधिष को गिरफतार किया गया था और पूछताछ के बाद न्यायालय के आदेष पर उन्हें जेल भेज दिया गया था। भोपाल जिला व सत्र न्यायालय के द्वारा जमानत आवेदन को निरस्त करते हुए गिरिवाला सिंह तथा उसके बेटे समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत 11 अगस्त तक बढ़ा दी थी। जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में सोमवार को जमानत याचिका दायर की है। जमानत याचिका पर इसी सप्ताह सुनवाई के संभावना है।
