
इंदौर. महाराणा प्रताप नगर स्थित प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद सोमवार को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरे वृद्धाश्रम को जमींदोज कर दिया. प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने सुबह करीब 10 बजे परिसर खाली कराया और जेसीबी बुलडोजर की मदद से कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया. इस कार्रवाई को हाल ही में वायरल हुए वीडियो के बाद प्रशासन की सबसे सख्त कार्रवाई माना जा रहा है.
कार्रवाई एसडीएम निधि वर्मा के नेतृत्व में की गई, सबसे पहले आश्रम में रखा पूरा सामान बाहर निकलवाया, इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों और नगर निगम की मौजूदगी में पूरे परिसर को खाली कराकर निर्माण गिरा दिया. कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई. कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में एक नाबालिग आश्रम में रह रहे बुजुर्गों की डंडे से बेरहमी से पिटाई करता दिखाई दिया था. वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आया और कलेक्टर शिवम वर्मा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए वृद्धाश्रम खाली कराने के निर्देश दिए थे. इसके बाद वहां रह रहे सभी बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया था. जांच में प्रशासन के सामने यह तथ्य भी आए कि प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम नगर निगम की पानी की टंकी के नीचे बने सरकारी परिसर में संचालित किया जा रहा था. अधिकारियों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्र के लिए आवंटित भवन पर भी कब्जा कर उसका उपयोग वृद्धाश्रम के रूप में किया जा रहा था. इन्हीं तथ्यों के आधार पर अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई. वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा और बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार जैसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण करने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वाली संस्थाओं के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.
इनका कहना है…..
पूर्व एमआईसी सदस्य संतोष गौर सिंह को ब्रेन हेमरेज होने के बाद उनके द्वारा ही यह स्थान वृद्धाश्रम संचालन के लिए उपलब्ध कराया था. इसके संबंध में उनके पास पंजीयन और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं. आंगनवाड़ी केंद्र के संबंध में उन्हें किसी प्रकार की जानकारी नहीं है.
प्रेमाश्रय वृद्धाश्रम संचालिका, नीलम दुबे
