जबलपुर: शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए नगर निगम द्वारा संचालित कई पानी के टैंकर लोगों की सेहत के लिए चिंता का कारण बनते जा रहे हैं। टैंकरों के ऊपर लगे ढक्कन ठीक से बंद नहीं होने के कारण परिवहन के दौरान धूल, मिट्टी और अन्य अशुद्धियां सीधे पानी में गिर रही हैं। ऐसे में लोगों तक पहुंचने वाला पेयजल दूषित होने की आशंका बनी हुई है, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इतना ही नहीं, कई टैंकरों से रास्ते भर शुद्ध पेयजल का लगातार रिसाव भी देखा जा रहा है। इससे प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है। एक ओर शहर में जल संरक्षण और हर बूंद बचाने की अपील की जा रही है, वहीं दूसरी ओर निगम की लापरवाही के कारण बहुमूल्य पेयजल सड़कों पर बर्बाद हो रहा है।
नियमित हो टैंकरो की जांच
नागरिकों का कहना है कि निगम को टैंकरों की नियमित जांच और मरम्मत सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि लोगों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे और पानी की अनावश्यक बर्बादी भी रोकी जा सके। अब सवाल यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर लापरवाही पर कब कार्रवाई करेंगे और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
