बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस शबाना आजमी का जन्म 18 सितंबर 1950 को हैदराबाद में हुआ था। एक्ट्रेस आज अपना 76वां जन्मदिन मना रही हैं। शबाना ने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए। हालांकि, उनकी सफलता की कहानी के पीछे संघर्ष और निजी जिंदगी के कई मुश्किल दौर भी रहे हैं।
शबाना आजमी ने साल 1974 में श्याम बेनेगल की फिल्म ‘अंकुर’ से फिल्मों में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके अभिनय को खूब सराहा गया और उन्हें इसके लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इसके बाद उन्होंने ‘निशांत’, ‘अर्थ’, ‘मंडी’, ‘मासूम’, ‘जुनून’, ‘फायर’ और ‘मृत्युदंड’ जैसी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी पहचान मजबूत की। शबाना आजमी के पिता मशहूर शायर और गीतकार कैफी आजमी थे, जबकि उनकी मां शौकत आजमी जानी-मानी थिएटर एक्ट्रेस थीं।
बचपन का एक मुश्किल दौर
शबाना आजमी की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया जब वह बेहद इमोशनल स्थिति से गुजरी थीं। उनकी मां की आत्मकथा से जुड़े विवरणों के मुताबिक, बचपन में एक बार घर में हुई डांट के बाद वह गुस्से में घर से निकल गई थीं और रेलवे ट्रैक तक पहुंच गई थीं। वहां मौजूद एक चौकीदार ने उन्हें देख लिया और समय रहते वहां से हटा दिया। शबाना ने आगे चलकर अपने जीवन में कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया और अपने करियर पर ध्यान बनाए रखा।
परिवार की आर्थिक मदद के लिए बेची कॉफी
शबाना आजमी से जुड़ा एक किस्सा उनकी संवेदनशीलता और परिवार के प्रति जिम्मेदारी को भी दिखाता है। बताया जाता है कि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने पर उन्होंने कुछ समय पेट्रोल पंप पर कॉफी बेचकर पैसे जुटाए थे। उन्होंने इस बात की जानकारी परिवार को नहीं दी और अपनी कमाई बचाकर मां को सौंप दी।
पांच बार जीत चुकी हैं नेशनल अवॉर्ड
शबाना आजमी ने अपने करियर में 160 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। उन्हें अब तक पांच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिल चुके हैं। इसके अलावा उन्हें कई फिल्मफेयर पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया है। सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे सम्मान भी मिले हैं। शबाना आजमी आज भी अभिनय की दुनिया में सक्रिय हैं। शबाना आजमी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म बंटवारा 1947 और आवारापन 2 में नजर आई थीं।
