ओंकारेश्वर। श्रावण मास के पावन अवसर पर ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर की पहली महासवारी पूरे धार्मिक उल्लास और भव्यता के साथ निकाली गई। दोपहर 3 बजे मंदिर से ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और “भोले शंभो-भोलेनाथ” के जयघोष के बीच भगवान की पालकी रवाना हुई। कोठी तीर्थ घाट पर आचार्य राजेश्वर दीक्षित के नेतृत्व में विधि-विधान से पूजन, अभिषेक और आरती संपन्न हुई, जिसमें राजा साहब राव पुष्पेंद्र सिंह भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। आरती के बाद गुलाल और पुष्पों के साथ भक्तों ने उत्सव मनाया तथा भगवान का पवित्र नर्मदा नदी में नौका विहार भी कराया गया।
इसके बाद दक्षिण तट स्थित श्री ममलेश्वर मंदिर से पालकियां गौमुख घाट, बालवाड़ी, पुराना बस स्टैंड, जेपी चौक और पुराने बाजार होते हुए पुनः मंदिर पहुंचीं। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और गुलाल उड़ाकर भगवान का भव्य स्वागत किया। शिवभक्ति और आस्था से सराबोर इस महासवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा ओंकारेश्वर धाम भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
