भोपाल। बावड़ियाकलां, अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर समेत कई इलाकों में पिछले दो दिनों से चल रही अवैध कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई सोमवार को रुक गई।
दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल बैठक के बाद सरकार ने फिलहाल व्यापारियों को राहत देने का फैसला लिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अध्ययन करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति भी गठित कर दी गई है। समिति की रिपोर्ट आने तक व्यापारियों पर कार्रवाई नहीं होगी।
लेकिन सरकार के इस फैसले से कई रहवासी नाराज़ हैं।
अरेरा कॉलोनी निवासी विवेक त्रिपाठी का कहना है कि नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत जिन अवैध दुकानों को सील करने के नोटिस दिए थे, उन पर अब अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में रहवासी अपना पक्ष रखेंगे।
वहीं, कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से भोपाल का नया मास्टर प्लान लागू नहीं हुआ है। ऐसे में व्यापारियों को दोषी ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने गुजरात की तरह मिक्स लैंड यूज व्यवस्था लागू करने की मांग की, जिससे व्यापारियों और रहवासियों दोनों को राहत मिल सके।
इससे पहले रविवार को अरेरा कॉलोनी, बावड़ियाकलां और रोहित नगर सहित कई इलाकों के रहवासी सड़कों पर उतरे थे। संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति के नेतृत्व में पैदल मार्च निकालकर उन्होंने नगर निगम की कार्रवाई और पूरे मामले को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है… क्या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद फिर से सीलिंग अभियान शुरू होगा, या सरकार कोई नया रास्ता निकालेगी?
4 अगस्त की सुनवाई पर अब पूरे भोपाल की नजरें टिकी हैं।
