भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक औसतन 15.4 इंच बारिश दर्ज की गई है, लेकिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का वितरण असमान बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 55 में से 42 जिलों में सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। कई जिलों में अच्छी वर्षा होने से औसत आंकड़ा संतुलित दिख रहा है, जबकि बड़ी संख्या में जिले अब भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। इसका असर खरीफ फसलों, जलाशयों और भूजल स्तर पर पड़ने लगा है। \
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक प्रदेश में किसी बड़े और व्यापक भारी बारिश के सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना नहीं जताई है, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल सक्रिय मानसूनी सिस्टम कमजोर होने के कारण व्यापक वर्षा की संभावना कम है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सिंचाई और फसल प्रबंधन को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। जल संसाधन विभाग भी बांधों और जलाशयों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो कई जिलों में फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को हालात की निगरानी और आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
