तिरुवनंतपुरम, (वार्ता) केरल के राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार ने रविवार को कहा कि बारिश से तबाही के बाद पूरे राज्य में बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर चल रहे हैं और अभी 273 राहत शिविरों में 7,674 लोग रह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राहत शिविरों में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी ज़िला कलेक्टरों , सांसदों और विधायकों के साथ लगातार संपर्क में है। सभी शिविरों में भोजन, पीने का पानी, चिकित्सा सुविधा और साफ़-सफ़ाई का इंतज़ाम किया गया है।
उन्होंने कहा कि आज शाम तक पूरे राज्य में 273 राहत शिविर खोले गए थे, जिनमें पथानामथिट्टा में 75, कोट्टायम में 64, कोझिकोड में 36, वायनाड में 28, कन्नूर में 18, अलाप्पुझा में 14, इडुक्की में 13, एर्नाकुलम में सात और त्रिशूर व कासरगोड में छह-छह शिविर शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि बारिश के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है, जिनमें मलप्पुरम में चार, तिरुवनंतपुरम, अलाप्पुझा और इडुक्की में दो-दो और कोझिकोड में एक व्यक्ति शामिल है।
मंत्री ने बताया कि 30 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं और 293 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता और क्षतिग्रस्त घरों के लिए मुआवज़ा बिना किसी देरी के दिया जाएगा। पहली किस्त अधिकारियों द्वारा सौंपी गई शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर जारी की जाएगी।
कई इलाकों में बारिश कम होने के कारण ज़िला प्रशासन को साफ़-सफ़ाई का काम शुरू करने का निर्देश दिया गया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए उपाय तेज़ कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ , एसडीआरएफ , अग्निशमन और बचाव सेवा तथा पुलिस के आपसी सहयोग से बचाव कार्य जारी हैं। मंत्री ने भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से अधिकारियों की सलाह मानकर सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की और लोगों से आपातकालीन मदद के लिए 24 गुणा 7 चलने वाले ज़िला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने को कहा है।
