
इंदौर: शहर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा पांच सौ करोड़ मूल्य की 26 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कॉलोनी के खिलाफ कार्रवाई जारी है. प्रशासन ने शहर के विभिन्न हिस्सों में सौ से ज्यादा अवैध कॉलोनियों के मामले जांच में लिए हैं, जिनमें 21 मामलों पर अवैध कॉलोनी के प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई जारी है.शहरी सीमा में स्थित काली बिल्लौद, जामनिया खुर्द, असरावद खुर्द सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध कॉलोनी काटी जा रही है. हालांकि इनकी संख्या सैकड़ों में है, लेकिन कार्रवाई सिर्फ 21 मामलों पर प्रचलित है. उक्त 21 मामलों में शामिल 26 हेक्टेयर जमीन, जिसकी बाजार में अनुमानित लागत 5 सौ करोड़ रुपए बताई जा रही है.
प्रशासन द्वारा उसके 30 से ज्यादा कर्ताधर्ताओं पर प्रकरण दर्ज कर अवैध कॉलोनी निर्माण किया पर रोक लगा दी गई है. बताया जा रहा है कि उक्त जमीन मालिकों ने बिना अनुमति और प्रशासन की विभिन्न मंजूरी लिए बिना ही छोटे-छोटे प्लाट काटकर बेच दिए. जमीन पर विकास किया जा रहा है, जिसको प्रशासन ने रोक दिया है. उक्त कार्रवाई कॉलोनी सेल प्रभारी अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य के द्वारा की गई है. प्रशासन ने कार्रवाई के लिए जामनिया खुर्द, असरावद खुर्द और काली बिल्लौद को ही टारगेट पर लिया. बाकी शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जमकर अवैध कॉलोनियों का निर्माण चल रहा है. कहीं फार्म हाउस तो कही रिसॉर्ट एवं कहीं प्लॉट काटकर बेचे जा रहे है.
संशय पैदा कर रही कार्रवाई
प्रशासन द्वारा चुनिंदा लोगों पर कार्रवाई करना संशय पैदा कर रहा है. वैसे कलेक्टर कार्यालय के हल्कों में चर्चा आम है कि रिंकेश वैश्य सुपर कलेक्टर बन गए हैं. कई निर्णय वे कलेक्टर से बिना पूछे ही ले लेते है. चर्चा तो यह भी है कि वे हाईकोर्ट के एक आदेश को आधार बनाकर शहर में मास्टर प्लान के 79 गांवों में धारा 16 के तहत धड़ल्ले से कॉलोनियों की अनुमति भी दे रहे है.
